Madhubani News: आम लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रमोद कुमार महथा की अध्यक्षता में शुक्रवार को न्यायिक पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई. बैठक में न्यायिक पदाधिकारियों को अपने-अपने कोर्ट से अधिक से अधिक सुलहनीय वादों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया.
पक्षकारों को समय से नोटिस तामिला कराने का निर्देश
बैठक में संबंधित पक्षकारों को समय से नोटिस तामिला कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि पक्षकार समय पर उपस्थित होकर अपने मामलों का लोक अदालत के माध्यम से निपटारा करा सकें.
सीजेएम ने न्यायिक पदाधिकारियों को सुलहनीय वादों के निपटारे के लिए लोक अदालत से पहले पक्षकारों के बीच बैठक कराने का निर्देश दिया. काउंसेलिंग या आपसी बातचीत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों को सुलझाने की पहल करने को कहा गया, जिससे मामलों का सुगमता से त्वरित निपटारा हो सके.
इन मामलों का होगा समझौते के आधार पर निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा किया जाता है. इसके तहत कोर्ट में चल रहे सुलहनीय फौजदारी मामले, दीवानी मामले, परिवार वाद, क्लेम, बैंक ऋण, वन विभाग, माप-तौल, बिजली विभाग, ट्रैफिक चालान सहित अन्य मामलों का निपटारा किया जायेगा.
सीजेएम ने उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारियों को अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बैठक में प्राधिकार सचिव सचिन कुमार, प्रधान दंडाधिकारी किशोर न्याय परिषद अंकित आनंद, मजिस्ट्रेट ऋचा भरद्वाज, सिमरन भगत, ऐश्वर्या दीप, एसडीजेएम सुधा रानी, मुंसिफ खुशबु आनंद सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित थे.
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