Disaster Mitra Training: प्रखंड के महमदपुर स्थित जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा सह प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में सोमवार को 200 आपदा मित्रों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्देश्य स्वयंसेवकों को आपदा की स्थिति में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार करना था.
एसडीआरएफ ने दी आपदा प्रबंधन की जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसडीआरएफ के कमांडर प्रदीप कुमार और कांस्टेबल रंजीत कुमार ने आपदा मित्रों को बाढ़, सर्पदंश, वज्रपात और अन्य आपात स्थितियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षकों ने संभावित बाढ़ से पहले की तैयारी, बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षित राहत एवं बचाव कार्यों पर विशेष जोर दिया.
सर्पदंश में झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचाने की सलाह
प्रशिक्षकों ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय मरीज को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि प्रदेश में अधिकांश सांप विषहीन होते हैं और सही समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है.
रेस्क्यू तकनीक का कराया व्यावहारिक अभ्यास
एसडीआरएफ टीम ने बाढ़ और डूबने की घटनाओं के दौरान सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार और आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया. प्रशिक्षकों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से आपदा मित्रों की क्षमता बढ़ती है और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है.
कार्यक्रम में अरुण कुमार, सुमन कुमार, ललन कुमार, मनोज कुमार राम, वरुण कुमार, गोपल प्रसाद सहित बड़ी संख्या में आपदा मित्र मौजूद रहे.
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