Anemia Screening Bihar: एनीमिया की पहचान, इलाज और प्रभावी प्रबंधन के लिए मधुबनी जिले में मंगलवार से व्यापक स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया गया. अभियान का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया. 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में जिले के 5 लाख 79 हजार लोगों की एनीमिया स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी.
बच्चों से महिलाओं तक होगी एनीमिया की स्क्रीनिंग
अभियान के तहत 5 से 9 वर्ष के बच्चों, 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों, 20 से 49 वर्ष की प्रजनन आयु की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की जांच की जाएगी.
इसका उद्देश्य एनीमिया की समय पर पहचान कर लाभार्थियों को इलाज, पोषण संबंधी परामर्श और जरूरत पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराना है.
स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों पर होगी जांच
5 से 9 वर्ष के बच्चों और 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों की स्क्रीनिंग स्कूलों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर की जाएगी. इसमें आरबीएसके, एमएचटी और स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्यकर्मी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
20 से 49 वर्ष की प्रजनन आयु वाली महिलाओं की जांच वीएचएसएनडी स्थल अथवा स्वास्थ्य केंद्रों पर होगी. गर्भवती महिलाओं की एनीमिया स्क्रीनिंग एएनसी सेवाओं के दौरान पीएमएसए सहित विभिन्न एएनसी साइट और स्वास्थ्य संस्थानों में की जाएगी.
स्तनपान कराने वाली माताओं की जांच बच्चों के टीकाकरण स्थल और स्वास्थ्य केंद्रों पर होगी.
एचबी स्तर के आधार पर मिलेगा इलाज
स्क्रीनिंग के बाद एचबी स्तर के आधार पर लाभार्थियों को हल्के, मध्यम और गंभीर एनीमिया की श्रेणी में रखा जाएगा. इसके बाद केस के अनुसार परामर्श, उपचार और फॉलो-अप की व्यवस्था की जाएगी.
हल्के से मध्यम एनीमिया वाले 5 से 9 वर्ष के बच्चों को तीन महीने तक प्रतिदिन एक आईएफए गुलाबी गोली देने का प्रावधान है. 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों को तीन महीने तक प्रतिदिन एक आईएफए नीली गोली तथा 20 से 49 वर्ष की महिलाओं को तीन महीने तक प्रतिदिन एक आईएफए लाल गोली दी जाएगी.
गंभीर एनीमिया के मरीज होंगे रेफर
गंभीर एनीमिया से पीड़ित लाभार्थियों को उच्च स्वास्थ्य संस्थान, एफआरयू या जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा. वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के अनुसार आगे की जांच, उपचार और फॉलो-अप किया जाएगा.
गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया के मामलों में जरूरत के अनुसार आईवी आयरन या ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी सेवाओं के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर किया जाएगा.
यू-विन पोर्टल पर दर्ज होगा स्क्रीनिंग का डेटा
अभियान में स्क्रीनिंग के साथ डिजिटल डेटा प्रबंधन पर भी जोर दिया गया है. एएनएम, सीएचओ, आरबीएसके, एमएचटी और आरएमएनसीएच काउंसलर को यू-विन पोर्टल पर एनीमिया स्क्रीनिंग एवं रेफरल से संबंधित डेटा की ऑनलाइन एंट्री के लिए उन्मुखीकरण दिया गया है.
जांच किए गए लाभार्थियों का डेटा समय पर पोर्टल पर दर्ज करने के साथ रेफर किए गए मामलों का फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाएगा.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन में एनआईसी में डीएम आनंद शर्मा, सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार, डीपीएम पंकज कुमार मिश्रा तथा सदर अस्पताल में एसीएमओ डॉ एसएन झा, डीपीसी प्रदीप कुमार, हेल्थ मैनेजर पिंटू खान, पीरामल के जिला लीड धीरज कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी मौजूद रहे.
