मधुबनी: प्रखंड के महरैल स्थित प्राथमिक विद्यालय अजा टोल की स्थिति इन दिनों बदहाल है. वर्ष 2007 में स्थापना के बाद विद्यालय भवन तो बन गया, लेकिन स्कूल तक पहुंचने के लिए अब तक बेहतर रास्ते की व्यवस्था नहीं हो सकी है. बारिश के बाद स्कूल भवन के चारों तरफ कई फीट तक गंदा पानी जमा हो जाता है. इससे विद्यालय टापू में तब्दील हो जाता है. ऐसे माहौल में यहां नामांकित 75 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं.
19 साल बाद भी नहीं सुधरी रास्ते की समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी. भवन निर्माण के बाद स्कूल तक आने-जाने के रास्ते की समस्या बनी रही. हर साल बरसात में विद्यालय परिसर के आसपास जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. पानी लंबे समय तक जमा रहने से विद्यालय के आसपास हरी घास उग आयी है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है.
स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को चचरी के सहारे गुजरना पड़ता है. इससे कभी भी बच्चे फिसलकर चोटिल हो सकते हैं. गंदे पानी के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना रहता है.
तीन शिक्षक 75 बच्चों को पढ़ा रहे
विद्यालय में फिलहाल 75 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. इन्हें पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक पदस्थापित हैं. प्रधानाध्यापक सुनीता मिश्रा ने बताया कि स्कूल तक सड़क निर्माण की समस्या को लेकर सहयोग पोर्टल समेत वरीय पदाधिकारियों को लिखित आवेदन दिया गया है. इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
बारिश के कारण रुका मिट्टीकरण का काम
महरैल पंचायत के मुखिया प्रबोध झा ने बताया कि स्कूल तक सड़क निर्माण के लिए मिट्टीकरण का काम कराया जा रहा था. बारिश का पानी भर जाने के कारण फिलहाल काम रुक गया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही मिट्टीकरण का काम पूरा कराया जाएगा.
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