मधुबनी को मिली नई सांस्कृतिक पहचान, आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ

मधुबनी में आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन हो चुका है. 17 जुलाई से प्रतिदिन दो बैचों में शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वादन का प्रशिक्षण शुरू होगा. यह केंद्र भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण है.

Madhubani News: कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार की ओर से संचालित आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र, मधुबनी का शुभारंभ गुरुवार को जिला परिषद उपाध्यक्ष संजय कुमार यादव एवं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार ने किया. इस अवसर पर अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं ने भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया.

भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण पर दिया गया जोर

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार ने अतिथियों एवं प्रशिक्षकों को मिथिला की पारंपरिक पाग और दोपटा भेंट कर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं वादन हमारी सांस्कृतिक धरोहर के महत्वपूर्ण अंग हैं. प्रशिक्षुओं से नियमित अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के साथ प्रशिक्षण लेने का आह्वान किया ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर मधुबनी और बिहार का नाम रोशन कर सकें.

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

उद्घाटन समारोह में तबला प्रशिक्षक डॉ. चंद्र शेखर नाथ झा ने तबला वादन की प्रभावशाली प्रस्तुति दी. हारमोनियम प्रशिक्षक डॉ. रोहित कुमार झा ने राग आधारित सुगम एवं उपशास्त्रीय संगीत प्रस्तुत किया. शास्त्रीय गायन प्रशिक्षिका अर्चना कुमारी ने गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया, जबकि कथक प्रशिक्षिका सबिता कुमारी ने गुरु वंदना, आमद, तोड़ा, तत्कार, बोल और पारण की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की.

17 जुलाई से शुरू होगा नियमित प्रशिक्षण

समारोह के दौरान बताया गया कि आवेदन एवं नामांकन प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है. विभाग की ओर से पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर प्रत्येक कला विधा में अधिकतम 40-40 प्रशिक्षुओं का चयन किया गया है. चयनित विद्यार्थियों का नियमित प्रशिक्षण 17 जुलाई से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक दो बैचों में संचालित होगा. अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वादन की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा.


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Author: Kartik kumar

Published by: Purushottam Kumar

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