अधिवक्ताओं ने जयनगर–दरभंगा रेल लाइन के दोहरीकरण की मांग की

मधुबनी के अधिवक्ताओं ने जयनगर-दरभंगा रेल लाइन के दोहरीकरण की मांग की है। इससे मिथिलांचल और नेपाल के यात्रियों को बेहतर सुविधा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

फोटो : परिचय- बैठक में उपस्थित अधिवक्ता

प्रतिनिधि, मधुबनीजिला अधिवक्ता संघ परिसर स्थित बुद्धा हॉल में वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषिदेव सिंह की अध्यक्षता में दरभंगा - जयनगर रेल लाइन के दोहरीकरण विषय पर चर्चा की गयी.

कहा कि दरभंगा से जयनगर तक रेल लाइन का दोहरीकरण होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी. मालवाहक ट्रेनों का संचालन सुगम होगा. क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा. उन्होंने कहा कि जयनगर भारत-नेपाल सीमा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है. दरभंगा–जयनगर रेलखंड का दोहरीकरण होने से मिथिलांचल के लोगों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल के नागरिकों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी. इससे समय और धन दोनों की बचत होगी. क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी. गोष्ठी में उपस्थित अधिवक्ताओं ने मांग का समर्थन करते हुए कहा कि बढ़ती रेल यातायात आवश्यकताओं को देखते हुए इस रेलखंड का दोहरीकरण समय की मांग है.वक्ताओं ने केंद्र सरकार से इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने की अपील की. दरभंगा–जयनगर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए केंद्र सरकार एवं रेल मंत्रालय को मांग पत्र भेजने का निर्णय लिया.गोष्ठी को अधिवक्ता राकेश कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, नवीन दास, कैलाश नंदन मिश्र, धैर्य शंकर झा, ललित यादव, कालिका प्रसाद सिंह, इंद्रदीप सिंह, प्रभाकर सिंह, सुहैल नैयर एवं कमर आलम सहित अन्य अधिवक्ताओं ने संबोधित किया तथा प्रस्ताव का समर्थन किया.

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Author: Ajay anand

Published by: Gajendra kumar

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