जर्जर हालत में है अस्पताल, गंदगी के अंबार के साथ ही सुविधाओं का है घोर अभाव
सकरी/पंडौल : प्रखंड क्षेत्र में अवस्थित अन्य अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की अपेक्षा सकरी एपीएचसी की दशा अत्यंत ही दयनीय है़ सुविधाओं का घोर अभाव के साथ ही चारों ओर से अतिक्रमण की चपेट से घिरा यह केंद्र इसलिए भी खास है क्योंकि इससे दरभंगा जिला की सीमा सटे होने के साथ ही यह प्रखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा बाजार है़ यहां तक की बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जुझ रहे इस एपीएचसी में एक अदद शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है़ सड़क किनारे से अतिक्रमण करने के साथ ही जर्जर भवन के चारों ओर लोग शौच कर गंदगी फैलाते हैं. जिस कारण अस्पताल परिसर में खड़ा रहना भी दूभर लगता है़
बुनियादी सुविधाओं का है अभाव: अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सकरी में एक अदद शौचालय की भी सुविधा नहीं है़ जर्जर हो चुके भवन में कर्मी व चिकित्सक हमेशा भय के साये में डरे सहमे कार्य करने को मजबूर हैं. केंद्र के चारों ओर बाउंड्री वाल का निर्माण होना आवश्यक है़ अस्पताल परिसर का बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर लिया गया है़ यहां पदस्थापित कर्मियों व चिकित्सक को सप्ताह में अधिकांश दिन पंडौल में आकस्मिक ड्यूटी पर लगाने से केंद्र खाली रहता है एवं मरीजों को घुमकर वापस जाना पड़ता है़ जबकि वर्तमान में लगभग तीन से चार दर्जन मरीज प्रतिदिन यहां इलाज के लिये पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चिकित्सक प्रतिदिन यहां पर समय देना शुरू कर दें तो प्रतिदिन मरीजों की संख्या 200 के करीब पहुंच जायेगी़
क्या कहते हैं पदाधिकारी : एपीएचसी के अतिक्रमण किए जाने की बात पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जय कृष्ण महतो ने बताया कि सितंबर महीने में अंचलाधिकारी के उपस्थिति में परिसर को अतिक्रमण मुक्त किया गया था़ मगर कुछ ही दिन बाद फिर से फुटकर दुकानदारों के द्वारा इसे अतिक्रमित कर लिया गया़ वहीं बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में वरीय पदाधिकारीयों को सूचित कर दिया गया है़ कर्मी के अभाव का हवाला देकर उन्होंने आने वाले समय में स्थायी रूप से कर्मी व चिकित्सक की उपस्थिति के साथ ही एपीएचसी के सुचारू ढ़ंग से चलने का उम्मीद जतायी.
