मधुबनी से नागेंद्रनाथ झा की रिपोर्ट
Madhubani News: जिले के रहिका प्रखंड स्थित प्रसिद्ध बाबा कपिलेश्वर स्थान मंदिर में बेहतर नागरिक सुविधाओं और सुचारू व्यवस्था का अभाव अब भी बना हुआ है. मंदिर के विकास के लिए न्यास बोर्ड का गठन तो कर दिया गया है, लेकिन बोर्ड को अब तक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार (पावर) नहीं मिल पाए हैं. इसके कारण मंदिर के दैनिक कार्यों से लेकर विकास की योजनाओं तक सब कुछ पूर्व की पुरानी व्यवस्था के भरोसे ही चल रहा है.
पुरानी व्यवस्था के तहत हो रही पूजा-अर्चना
वर्तमान में मंदिर में पूजा-पाठ की जिम्मेदारी पुराने ढर्रे पर ही निभाई जा रही है. यहाँ रोटेशन प्रणाली के तहत एक-एक महीने के अंतराल पर अलग-अलग पंडा और पुजारी पूजा का दायित्व संभालते हैं. न्यास बोर्ड के अस्तित्व में आने के बावजूद पूजा की नई और व्यवस्थित नियमावली पर अब तक कोई ठोस विचार नहीं किया जा सका है. स्थानीय भक्तों में व्यवस्था को लेकर काफी समय से असंतोष देखा जा रहा है.
अतिक्रमण मुक्त होगा मंदिर परिसर
अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) ने मंदिर परिसर को व्यवस्थित करने के लिए एक पत्र जारी किया है. योजना के अनुसार, सबसे पहले मंदिर के मुख्य द्वार और परिसर के आसपास से अतिक्रमण हटाया जाएगा. अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वहां धर्मशाला निर्माण, सौंदर्यीकरण और अन्य विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जा सकेगा. इसके लिए अनुमंडल प्रशासन ने संबंधित विभाग को पहले ही निर्देश दे दिए हैं.
जल्द अस्तित्व में आएगा नया स्वरूप
न्यास बोर्ड के पदेन अध्यक्ष और एसडीओ चंदन झा ने बताया कि बाबा कपिलेश्वर स्थान की सभी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा गया है. बोर्ड में उपाध्यक्ष प्रभात रंजन, सचिव सुदर्शन कुमार और कोषाध्यक्ष संतोष कुमार झा समेत सात सदस्य शामिल हैं. प्रशासन का दावा है कि कुछ ही दिनों में न्यास बोर्ड पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और मंदिर में सभी बुनियादी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा.
