परिवाद के आलोक में हुई जांच सीएस ने की कार्रवाई
मधुबनी : बीते लगभग 24 वर्षों से जाली नियुक्ति पत्र पर कार्यरत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंडौल में पदस्थापित एएनएम इंदिरा कुमारी को 17 जनवरी 17 को सिविल सर्जन डाॅ. अमर नाथ झा ने सेवा मुक्त का आदेश जारी किया है. सीएस ने ये कार्रवाई भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष के शिकायत पर पर जांच के बाद की है. पर इस मामले ने स्वास्थ्य महकमा को कटघरे में खड़ा कर दिया है. बीते 24 साल से एक एएनएम फर्जी नियुक्ति पत्र पर काम करती रही. वेतन का उठाव करती रही और महकमा को पता तक नहीं चला.
बेतिया, पंडौल, बिस्फी व राजनगर में किया कार्य : एएनएम इंदिरा कुमारी की नियुक्ति सिविल सर्जन पश्चिम चंपारण द्वारा 28 अगस्त 1993 को की गयी थी. इसके बाद दो वर्षों तक पश्चिम चंपारण में कार्य करने के बाद इंदिरा कुमारी वर्ष 1995 में मधुबनी जिला स्थांतरित हो कर आयी. सर्व प्रथम जिले के बिस्फी उसके बाद राजनगर तथा विगत 4 वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंडौल में पदस्थापित हुई. इस बीच वर्ष 2015 में प्रखंड भाजपा अध्यक्ष प्रमोद सिंह द्वारा जिला पदाधिकारी को इंदिरा कुमारी के नियुक्ति पत्र की जांच के लिए परिवाद दायर किया गया. और अंतत: जांच में जाली नियुक्ति पत्र का मामला उजागर हो ही गया.
