नगर भवन को प्रति वर्ष लाखों का नुकसान

मरम्मत के िलए महज कुछ रुपये नहीं खर्च होने से हो रही क्षति औसतन हर माह आठ से दस दिन होता था कार्यक्रम का आयोजन भूकंप में दरार आने के बाद आयोजन पर प्रतिबंध मधुबनी : महज कुछ हजार रुपये खर्च नहीं किये जाने के कारण साल भर में करीब दो लाख रुपये का घाटा […]

मरम्मत के िलए महज कुछ रुपये नहीं खर्च होने से हो रही क्षति

औसतन हर माह आठ से दस दिन होता था कार्यक्रम का आयोजन
भूकंप में दरार आने के बाद आयोजन पर प्रतिबंध
मधुबनी : महज कुछ हजार रुपये खर्च नहीं किये जाने के कारण साल भर में करीब दो लाख रुपये का घाटा प्रशासन उठा रहा है. इसके बाद खतरा अलग से . हाल यह है कि बीते दो साल से नगर भवन में कार्यक्रम का आयोजन पर खतरे को देखते हुए प्रतिबंध लगा दिया गया है. पर इसी भवन में आज भी कई विभाग काम कर रहे हैं.
नगर भवन के मुख्य हॉल को सार्वजनिक अथवा सरकारी कार्यों के लिए बंद कर दिए जाने के बाद से जिला प्रशासन को हर माह 15 से 20
हजार रूपये का घाटा हो रहा है. वहीं इसके हॉल के बंद हो जाने से शहर के लोगों अथवा राजनीतिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में मुख्य स्थल का चयन करने में परेशानी हो रहा है.
भूकंप में हो गया था क्षतिग्रस्त : बीते साल 2014 के 25 अप्रैल को आये भूकंप में नगर भवन क्षतिग्रस्त हो गया था. सुरक्षा को देखते हुए इसमें कार्यक्रम के संचालन पर रोक लगा दी थी. नजारत विभाग से मिली जानकारी के अनुसार औसतन हर माह नगर भवन में आठ से दस दिन कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था. इसमें एक दिन के कार्यक्रम के लिये दो हजार शुल्क निर्धारित थी. पर अप्रैल 2014 के बाद से नगर भवन में किसी भी प्रकार के आयोजन पर रोक लगा दी गयी है.
उधर प्रतिबंध, इधर चल रहा विभाग : एक ओर नगर भवन में दरार आ जाने के कारण आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है तो दूसरी ओर आज भी इसमें चार चार विभाग का कार्य चल रहा है. इसी भवन में दूरदर्शन का कार्यालय, परिवहन विभाग, अग्निशमन भी संचालित है. जिसमें कर्मी जान -जोखिम में डाल कर काम का निष्पादन कर रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी : इस
बाबत जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने बताया है कि जल्द ही नगर भवन के मरम्मत का काम शुरू कर दिया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >