लखनौर/ झंझारपुर . मां की ममता को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना झंझारपुर थाना क्षेत्र से सामने आई है. एनएच-27 से सटे सिमरा गांव स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के बरामदे में बुधवार की अहले सुबह करीब 5:15 बजे 6 माह का एक पाला-पोसा मासूम बच्चा लावारिस हालत में मिला. कंबल में लिपटा मासूम गहरी नींद में था. किसी ने पूरी सावधानी के साथ उसे मंदिर में छोड़ दिया. घटना की खबर मिलते ही लोगों की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी. राधा-कृष्ण मंदिर एक सुनसान स्थान पर स्थित है, जिसके सामने बड़ा तालाब और चारों ओर जंगल है. सिमरा गांव निवासी लक्ष्मी मुखिया सुबह दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे. जैसे ही उनकी नजर फर्श पर सो रहे बच्चे पर पड़ी. वे घबरा गए और दौड़ते हुए सिमरा चौक पहुंचे. वहां गांव के लोगों को सूचना दी. सूचना मिलते ही सभी लोग ऑटो से मंदिर पहुंचे. मानवीय संवेदना दिखाते हुए लक्ष्मण सदाय की पत्नी लक्ष्मीनिया देवी ने बच्चे को गोद में उठाकर अपने घर ले गईं. इसके बाद बाल संरक्षण इकाई मधुबनी को सूचना दी गई. बाल संरक्षण इकाई के सुपरवाइजर हरिशंकर राय एवं सोनी कुमारी थाना पहुंचकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया. सुपरवाइजर हरिशंकर राय ने बताया कि बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार मासूम को दत्तक गृह बसुआरा, मधुबनी में रखा जाएगा. वहीं झंझारपुर थाना के एसआई बिहार आलम ने बताया कि बाल कल्याण समिति के लिखित आवेदन के आधार पर लावारिस बच्चे को सुपुर्द किया गया है. 6 माह के इस मासूम के मिलने से पूरे इलाके में संवेदना का माहौल बना हुआ है.
सुनसान मंदिर में कंबल में लिपटा मिला 6 माह का मासूम
मां की ममता को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना झंझारपुर थाना क्षेत्र से सामने आई है.
