Madhubani : 18 साल से कम उम्र के बाल श्रमिकों को मिलेगा 25 हजार अनुदान

सूबे की सरकार मजदूरी करने वाले 14 से 18 साल के किशोरों को 25 हजार रुपये का अनुदान देगी.

वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 28 विमुक्त बाल श्रमिकों को दी गई तत्काल तीन हजार सहायता राशि बाल श्रम में लिप्त बच्चों को मुक्त कराने के लिए चलाया जा रहा अभियान मधुबनी . सूबे की सरकार मजदूरी करने वाले 14 से 18 साल के किशोरों को 25 हजार रुपये का अनुदान देगी. मुख्यमंत्री राहत कोष से बाल श्रमिकों के साथ ही किशोर मजदूरों को भी अनुदान राशि मुहैया कराई जाएगी. हाल ही में सरकार ने बाल श्रम से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. इसके तहत बाल श्रम से विमुक्त कराए गए किशोरों के पुनर्वास के लिए यह राशि दी जाएगी. मधुबनी में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 16 एवं 2025-26 में 12 विमुक्त बाल श्रमिकों को आर्थिक सहायता के तहत तत्काल तीन हजार रुपये दिए गए हैं. किशोर श्रमिकों के लिए बदले गये नियम बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत पूर्व में केवल विमुक्त 14 वर्ष से कम उम्र के बाल श्रमिकों को पुनर्वासन के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 हजार का अनुदान राशि दिया जा रहा था. हाल ही में लिए गये निर्णय के अनुसार वैसे किशोर जिन्होंने 14 साल की उम्र पूरी कर ली हो, लेकिन उनकी आयु 18 साल से कम हो और जिनका विवरण चाइल्ड लेबर ट्रैकिंग सिस्टम (सीएलटीएस) में दर्ज हो, उनको भी विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों की भांति मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रति श्रमिक 25 हजार का अनुदान दिया जाएगा. नहीं थम रहे बाल श्रम के मामले बाल श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है. उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. उन्हें नियोजक से मुक्त कराकर राहत योजना से जोड़ा जाता है. हालांकि इस योजना के बावजूद मधुबनी में बाल श्रम थम नहीं रहा है. विभाग ने इसके लिए जागरुकता अभियान को तेज करने का फैसला लिया है. विभाग द्वारा मुखिया और सरपंच जैसे जन प्रतिनिधियों को इस कार्य में मदद करने का अनुरोध किया गया है. बाल श्रमिकों को किया जा रहा पुनर्वासित जबकि विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को श्रम संसाधन विभाग की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता राशि तीन हजार एवं मुख्यमंत्री सहायता कोष से 25 हजार 18 वर्ष की उम्र पूर्ण होने तक सावधि जमा कर प्रतिमाह मिलने वाले ब्याज से विमुक्त बाल श्रमिकों को पुनर्वासित किया जा रहा है. क्या कहते हैं अधिकारी श्रम अधीक्षक दिनेश कुमार ने कहा कि बाल श्रमिकों को बालश्रम से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है. उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्हें नियोजक से मुक्त कराकर राहत योजना से जोड़ा जा रहा है. जन प्रतिनिधियों की मदद लेकर बालश्रम में लिप्त बच्चों को मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाने का काम किया जा रहा है.

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