ऑर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिगों से घिनौना काम: मधुबनी पुलिस ने आधी रात मारा छापा, 40 बच्चियां मुक्त, 15 गिरफ्तार

मधुबनी पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा की आड़ में चल रहे नाबालिग बालिकाओं के शोषण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस अभियान में 40 नाबालिगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

Madhubani Orchestra Raid: मधुबनी मेंऑर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिग बालिकाओं के कथित शोषण और उनसे अवैध रूप से काम कराने वाले गिरोह के खिलाफ मधुबनी पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. कमजोर वर्ग शाखा (एडीजी), पटना एवं मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निर्देश पर पुलिस की संयुक्त टीमों ने सोमवार की देर रात से मंगलवार सुबह तक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन छापेमारी अभियान चलाया. इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने अलग-अलग ऑर्केस्ट्रा दलों से 40 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल रेस्क्यू किया. एसएसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार देर शाम प्रेस वार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि इस घिनौने धंधे में शामिल मुख्य संचालक, 12 पुरुष और 3 महिला कर्मियों समेत कुल 15 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है.

प्रेस को जानकारी देते एसएसपी योगेंद्र कुमा

पांच थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी, महिला थाना में केस दर्ज

एसएसपी योगेंद्र कुमार के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (साइबर थाना) के नेतृत्व में संबंधित थाना पुलिस, महिला थाना, मानवाधिकार संगठन और चाइल्डलाइन की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई थी. इस टीम ने एक साथ बासोपट्टी, अरेर, बेनीपट्टी, खजौली और लौकहा थाना क्षेत्रों के कई ठिकानों पर संचालित ऑर्केस्ट्रा दलों में दबिश दी. छापेमारी के दौरान मुक्त कराई गई सभी 40 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षा घेरे में महिला थाना, मधुबनी लाया गया. बालिकाओं से जबरन काम कराने और शोषण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला थाने में कांड संख्या 64/26 दर्ज की है.

विशेष पॉक्सो अदालत में पेशी, सभी 15 आरोपित भेजे गए जेल

गिरफ्तार सभी 15 आरोपितों को बुधवार शाम कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच विशेष न्यायालय पॉक्सो में पेश किया गया. मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) निशांत कुमार प्रियदर्शी ने सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेजने का आदेश दिया. जेल भेजे गए आरोपितों में अंतरराज्यीय नेटवर्क के लोग शामिल हैं. इनमें पश्चिम चंपारण के इरफान आलम, राहुल सिंह, नंदलाल प्रसाद और अजय कुमार, पश्चिम बंगाल के समर शील, काशीनाथ मंडल और काकोली मंडल, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज निवासी आयुष शर्मा, सिवान के परमेश्वर राम, हरलाखी के श्याम कुमार यादव, खजौली के देवचंद्र परनामी व संजन कुमार दास, रुद्रपुर के नंदकिशोर यादव, मधुबनी की मंपी देवी और जालंधर (पंजाब) की कुसमा देवी शामिल हैं.

बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत होंगी रेस्क्यू बालिकाएं

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छुड़ाई गई सभी नाबालिग बालिकाओं की चिकित्सीय जांच और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इसके बाद उन्हें सुरक्षा और पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन बालिकाओं को किन-किन बिचौलियों के जरिए अन्य राज्यों व सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से यहां लाया गया था.

विशेष पुलिस टीम में ये अधिकारी रहे शामिल

इस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) रश्मि कुमारी, साइबर डीएसपी अंकुर कुमार, एएचटीयू प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार, सीसीटीएनएस प्रभारी पुलिस निरीक्षक अमित कुमार, नगर थाना के पर्यवेक्षी पदाधिकारी पुलिस निरीक्षक शमशाद आलम, महिला थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक रीना भारती, सहायक अवर निरीक्षक रंजू कुमारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल के जवान शामिल रहे.

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लेखक के बारे में

By रमण कुमार मिश्रा

22 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. पॉजीटिव स्टोरी, चुनाव, बाढ़ और क्राइम सहित हर विधा की खबर लेखनी में निपुण हैं. जमीनी मुद्दों पर अपनी गहरी पकड़ के लिए जाने जाते हैं, जिसके तहत उनकी "वर्दीबास रेल खंड" एवं "गढ़गांव का दर्द" जैसी गंभीर सीरीज कई दिनों तक प्रमुखता से प्रकाशित हो चुकी हैं.

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