पहाड़ी टोल के बने सूप की प्रदेश के कई जिलों में मांग
मधुबनी : आस्था का पर्व छठ में सभी तरह के सामग्रियों की आवश्यकता होती है लेकिन इसमें सूप का अपना महत्व है. खासकर खुटौना प्रखंड क्षेत्र के कारमेध मध्य पंचायत स्थित पहाड़ी टोल पर बन रहे सूप का अलग महत्व है. इन दिनों विशेष समुदाय के लोग सूप बनाने में जूटे हुए है. जो मिथिलांचल […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मधुबनी : आस्था का पर्व छठ में सभी तरह के सामग्रियों की आवश्यकता होती है लेकिन इसमें सूप का अपना महत्व है. खासकर खुटौना प्रखंड क्षेत्र के कारमेध मध्य पंचायत स्थित पहाड़ी टोल पर बन रहे सूप का अलग महत्व है. इन दिनों विशेष समुदाय के लोग सूप बनाने में जूटे हुए है.
जो मिथिलांचल के सभी जिलों में सप्लाई होता है. जानकारी के अनुसार करीब 100 वर्षों से विशेष समुदाय के लोग सूप बनाने का काम करते आ रहे है. जो सूप मधुबनी ही नहीं दरभंगा, सुपौल, समस्तीपुर एवं पटना जिलों तक जाता है. यहां के सूप बहुत मजबूत माना जाता है. पहाड़ी टोल का सूप बहुत ही मजबूत माना जाता है.
सौ वर्ष पूर्व से हो रहा कारोबार
पहाड़ी में करीब सौ वर्ष पूर्व नेपाल से मात्र दो घर आकर बस गए थे और सूप बनाने का कारोबार शुरू किया था. लेकिन अब यहां 50 घर हो गए जो सूप बनाने के कारोबार में लगे हैं.
छठ में लाखों का होता कारोबार
वैसे तो यहां साल भर सूप का कारोबार होता है. लेकिन छठ में वह लाखों के उपर हो जाता है. जिले ही नहीं सीमावर्ती सभी जिलों में पहाड़ी टोल में बने सूप की मांग बढ जाती है. यहां तक दूसरे राज्य में रहने वाले जिले के लोगों को पहाड़ी टोल पर बना सूप ही पसंद है. खासकर दिल्ली में छठ पर्व करने वाले जिलों के लोग यहां से सूप मंगवाते हैं. इस बावत राम विलास मांझी, योगेंद्र मांझी, छेदी मांझी, डम्मर बहादूर, सम्मर बहादूर, दिपेन मांझी सहित अन्य ने बताया कि पूर्वजों द्वारा किए जा रहे कारोबार को बढा रहे हैं. हालांकि अब बांस की कमी के कारण सूप बनाने में परेशानी हो रही है. जिससे लागत अधिक हो रहा है. जहां थौक के भाव 100 से 150 रुपये की दर से बेचा जा रहा है. वहीं खुदरा भाव 200 से 225 रुपये तक है.
बाजार में रही खरीदारों की भीड़
बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ रही. लोगों ने पर्व में काम आने वाले सामानों की जमकर खरीदारी की. फल की दुकान, नारियल की दुकान, केला, गुड़ के दुकान पर खूब भीड़ दिखी. बाजार में लोग बांस से बने दउरी, कोनिया, सूप, डगरा की खरीदारी की. बाजार में बीते साल की तुलना में सामान की कीमत में बढोतरी देखी जा रही है.