टमाटर 100 रुपये प्रतिकिलो व देसी परवल पहुंचा "120

मधुबनी : हरी सब्जियों की कीमत आसमान छू रही है. कीमत पर कोइ नियंत्रण नहीं है या कोई रेट निर्धारित नहीं रह गया. जहां जैसा ग्राहक मिला, दुकानदार रेट लगा दिया जाता है. बाजार में सब्जी कम हो गया है. ऐसे मे हरी सब्जी लोगों की थाली से गायब होता जा रहा है. लोग विकल्प […]

मधुबनी : हरी सब्जियों की कीमत आसमान छू रही है. कीमत पर कोइ नियंत्रण नहीं है या कोई रेट निर्धारित नहीं रह गया. जहां जैसा ग्राहक मिला, दुकानदार रेट लगा दिया जाता है. बाजार में सब्जी कम हो गया है. ऐसे मे हरी सब्जी लोगों की थाली से गायब होता जा रहा है. लोग विकल्प वाले सब्जी जैसे मटर, राजमा, सोयावीन का अधिक उपयोग करने लगे हैं. टमाटर की लाली लोगों के जेब को ढ़ीला कर रहा है. कीमत अस्सी से सौ रुपये तक प्रति किलो पहुंच गया है.

वहीं देसी परवल का भाव 125 रुपये प्रति किलो तक है. ऐसे में लोग अब फिर किलो के जगह पाव पर आ गये हैं. बीते दस दिन पहले 40-50 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिकने लगा है. ऐसे में हरी सब्जियों के दामों में वृद्धि होने के कारण लोगों के थाली से हरी सब्जी गायब हो रही है.

प्रतिदिन 10-12 टन की है खपत
गिलेशन बाजार सब्जियों का मुख्य बाजार है. जहां प्रति दिन जिला व अन्य जिला से लगभग 10 से 12 टन हरी सब्जियों की खरीद बिक्री की जाती है. दामों में वृद्धि होने के कारण थोक विक्रेता द्वारा भी सब्जी के दामों में वृद्धि कर बेचा जा रहा है. जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेबों पर असर डाल रहा है.
गिलेशन बाजार के विक्रेता बताते हैं कि हर साल बाढ़ आने पर सब्जी की कीमत में बढोतरी हो जाती है. जिला में मुख्यतौर पर समस्तीपुर, खुटौना, कोलकाता से सब्जी मंगाया जाता है. विक्रेताओं ने बताया कि मिर्च, परवल, बैगन जहां समस्तीपुर से आता है वही टमाटर नासिक व गोभी कोलकाता से मंगाया जाता है. हालांकि परवल की कीमत आज भी पूर्ववर्ती दरों पर ही उपलब्ध है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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