पीएमसीएच के चिकित्सकों ने स्थिति में सुधार नहीं देख भेजा दिया वापस
वरीय पदाधिकारियों के हस्तक्षेप
के बाद जेल के चिकित्सक ने फिर भेज दिया डीएमसीएच
वृद्ध विचाराधीन कैदी मारपीट मामले में पिछले महीने हुए थे गिरफ्तार
बेनीपुर : उपकारा के मुख्य द्वार पर एक बीमार कैदी को लेकर उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी, जब जेल के कर्मियों ने अपने ही बीमार कैदी को लेने से इंकार कर दिया. जेल सूत्रों के अनुसार बिरौल थाना क्षेत्र के पड़री गांव निवासी 65 वर्षीय आनंद शंकर ठाकुर गत 28 जनवरी से मारपीट के मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में न्यायिक हिरासत में थे.
विगत 11 फरवरी को कैदी की अचानक तबीयत खराब हो गयी. जेल के डाक्टर ने बेनीपुर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डीएमसीएच रेफर कर दिया गया. वहां भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर उन्हें पटना रेफर कर दिया गया. वहां उनका इलाज एक सप्ताह तक चला, पर स्थिति में कोई सुधार नहीं होते देख पीएमसीएच के चिकित्सकों ने गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी.
पटना से गुरुवार की देर शाम एम्बुलेंस से पुलिस अभिरक्षा में बेनीपुर उपकारा लाया गया, तो जेल कर्मी ने कैदी की गंभीर हालत को देखते हुए जेल में लेने से इंकार कर दिया. एम्बुलेंस के साथ चल रहे पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारी को दी. इसके बाद काफी जद्दोजहद पर जेलर ने उसे स्वीकार किया. इस संबंध में जेलर मिथिलेश कुमार ने बताया कि यह बिरौल थाना कांड संख्या 183/84 के मामले में 28 जनवरी को यहां गिरफ्तार कर लाया गया था.
उसके बाद बीमार होने पर चिकित्सकों ने पीएमसीएच रेफर कर दिया था. शाम में जब यहां लाया गया, तो उनकी स्थिति ठीक नहीं थी. पुनः जेल के चिकित्सक मुकेश कुमार ने उसी एम्बुलेंस से डीएमसीएच रेफर कर दिया. ज्ञात हो कि कैदी आनंद शंकर ठाकुर विगत 34 वर्षों से मारपीट के एक मामले में फरार चल रहे थे. एक माह पूर्व बिरौल पुलिस ने 28 जनवरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था.
