Anti Drug Campaign Gamharia: गम्हरिया. गांव को नशामुक्त बनाने के लिए अब ग्रामीण महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. कौड़िहार तरावे पंचायत के तरावे चौक पर आयोजित बैठक में महिलाओं और ग्रामीणों ने नशे के कारोबार और सेवन के खिलाफ सख्त फैसला लिया. बैठक में तय किया गया कि गांव में नशीला पदार्थ बेचते पकड़े जाने वाले व्यक्ति पर ग्रामीण स्तर से 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसे पुलिस के हवाले किया जाएगा. वहीं, नशे का सेवन करते पकड़े जाने पर 5100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.
मुखिया गंगा पासवान के नेतृत्व में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण और युवा शामिल हुए. बैठक का उद्देश्य गांव में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकना और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक स्तर पर अभियान चलाना बताया गया.
महिलाओं ने संभाली नशे के खिलाफ कमान
तरावे पंचायत में आयोजित बैठक में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही. ग्रामीणों का कहना था कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती. इसका असर परिवार, बच्चों और पूरे सामाजिक माहौल पर पड़ता है.
बैठक में मौजूद महिलाओं ने युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया. उन्होंने कहा कि नशे की लत युवा पीढ़ी के भविष्य को प्रभावित कर सकती है. इसके साथ ही परिवारों में आर्थिक और सामाजिक परेशानी भी बढ़ती है.
इसी वजह से गांव में नशे के कारोबार और सेवन दोनों पर रोक लगाने के लिए सामूहिक स्तर पर सख्ती का निर्णय लिया गया.
बेचने वाले पर 11 हजार, सेवन करने पर 5100 रुपये
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति गांव में नशीला पदार्थ बेचते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर ग्रामीण स्तर से 11,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही उसे तुरंत पुलिस के हवाले करने का निर्णय लिया गया.
वहीं, नशे का सेवन करते पकड़े जाने वाले व्यक्ति पर 5,100 रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही गयी.
यह जुर्माने का फैसला ग्रामीण बैठक में सामूहिक रूप से लिया गया है. किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति में पुलिस को सौंपने का निर्णय भी बैठक में लिया गया.
युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता
बैठक में ग्रामीणों और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गयी. महिलाओं ने कहा कि नशे की आदत युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जा सकती है और इसका असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है.
नशे का असर परिवार तक भी पहुंचता है. कम उम्र में नशे की आदत पड़ने से पढ़ाई, रोजगार और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर असर पड़ने की चिंता ग्रामीणों ने जतायी.
इसी कारण बैठक में केवल नशा बेचने वालों पर कार्रवाई की बात नहीं हुई, बल्कि सेवन करने वालों पर भी जुर्माना लगाने का फैसला किया गया. ग्रामीणों का उद्देश्य गांव में नशे के खिलाफ ऐसा माहौल तैयार करना है, जिसमें युवा इससे दूर रहें.
अभियान सिर्फ बैठक तक सीमित नहीं रहेगा
मुखिया गंगा पासवान ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल बैठक तक सीमित नहीं रहेगा. गांव में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.
उन्होंने ग्रामीणों से नशे के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की. उनका कहना है कि केवल कुछ लोगों के प्रयास से गांव को नशामुक्त नहीं बनाया जा सकता. इसके लिए महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है.
बैठक के जरिए ग्रामीणों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि नशे की समस्या को सामाजिक स्तर पर रोकने के लिए समुदाय की सक्रिय भूमिका जरूरी है.
Anti Drug Campaign Gamharia: सैकड़ों ग्रामीण और महिलाएं हुईं शामिल
तरावे चौक पर हुई बैठक में पूर्व मुखिया शंभू यादव, कुलदीप यादव, प्रमोद कुमार, शिव शंकर चौधरी और मंगल चौधरी समेत सैकड़ों ग्रामीण और महिलाएं मौजूद थीं.
अब ग्रामीणों की नजर इस अभियान को आगे बढ़ाने पर है. आने वाले दिनों में जागरूकता गतिविधियों के साथ नशे के कारोबार और सेवन के खिलाफ बैठक में लिये गये फैसलों को किस तरह लागू किया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा. पंचायत स्तर पर महिलाओं और ग्रामीणों की इस पहल से गांव में नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जतायी गयी है.
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