फोटो – मधेपुरा 67- बीएनएमयू प्रतिनिधि, मधेपुरा भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के महाविद्यालय को सितंबर-अक्तूबर माह में स्थाई प्राचार्य मिल जायेगा. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की ओर से 12 साल बाद प्राचार्य की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इसमें भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय को बैकलॉग सहित 11 नये प्राचार्य मिलेंगे. आयोग की अनुशंसा पर प्राचार्यों की नियुक्ति पांच साल के लिए होगी. वहीं, कार्यकाल पूरा होने पर पांच साल का एक्सटेंशन मिल सकता है. एक्सटेंशन के लिए गठित होगी कमेटी प्राचार्य का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर पांच साल के एक्सटेंशन के लिए विश्वविद्यालय के स्तर से कमेटी गठित की जायेगी, जो प्राचार्य के कार्यों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट देगी. सकारात्मक रिपोर्ट होने पर ही एक्सटेंशन मिलेगा. वहीं, कार्यकाल पूरा होने के बाद प्राचार्य अपने मदर इंस्टीट्यूट में जाने के लिए स्वतंत्र होंगे. 12 महाविद्यालय प्रभारी प्राचार्य के भरोसे बीएनएमयू में तत्कालीन कुलपति डॉ आरपी श्रीवास्तव ने वर्ष 2009 में स्थाई प्राचार्यों की नियुक्ति कराई थी. वर्तमान समय में बीएनएमयू के दो अंगीभूत महाविद्यालय में स्थाई प्राचार्य हैं. बीएनएमयू के 12 अंगीभूत महाविद्यालय अभी प्रभारी प्राचार्य के भरोसे है. सभी महाविद्यालय में वरीयता के आधार पर शिक्षकों को प्रभार दिया गया है. 15 जुलाई तक किया जायेगा आवेदन बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने चार जुलाई को अधिसूचना जारी कर ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी गई है. वहीं 31 जुलाई तक आवेदन की हार्ड कॉपी स्पीड पोस्ट के माध्यम से आयोग कार्यालय को भेजी जानी है. अगले महीने सभी आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. परिणाम घोषित कर प्राचार्य का पदस्थापन सितंबर-अक्तूबर माह में परिणाम घोषित करते हुए प्राचार्यों का पदस्थापन किया जायेगा. महाविद्यालय में स्थाई प्राचार्य नहीं होने के कारण शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं. वहीं नैक मूल्यांकन की तैयारियों पर भी असर पड़ रहा है. अब बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की ओर से नियुक्ति को लेकर तेजी की गई है.
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