उदाकिशुनगंज (मधेपुरा). अनुमंडल मुख्यालय स्थित पार्थ हॉस्पिटल में चार माह की गर्भवती महिला के पेट से करीब आठ लीटर द्रव से भरे बड़े सिस्ट को दूरबीन पद्धति से सफलतापूर्वक हटाने का मामला सामने आया है. चिकित्सक डॉ. स्मृति कुमारी के नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया के दौरान गर्भस्थ शिशु को सुरक्षित रखने की बात कही गयी है. ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति सामान्य बतायी गयी और करीब 24 घंटे बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी.
पेट दर्द और सांस लेने में परेशानी से थी परेशान
जानकारी के अनुसार आलमनगर प्रखंड क्षेत्र के भागीपुर निवासी राजेश यादव की पत्नी नविता कुमारी चार माह की गर्भवती हैं. पिछले कुछ दिनों से उन्हें पेट के दाएं हिस्से में लगातार दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही थी. परिजनों के अनुसार अलग-अलग जगहों पर उपचार कराने के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली. इस दौरान तीन बार अल्ट्रासाउंड भी कराया गया, लेकिन पेट में मौजूद द्रव्यमान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी.
जांच में 18 सेंटीमीटर का सिस्ट मिलने की बात
बीते सोमवार की शाम नविता कुमारी को पार्थ हॉस्पिटल लाया गया. डॉ. स्मृति कुमारी ने जांच के दौरान पेट का आकार सामान्य से अधिक पाया. इसके बाद आवश्यक चिकित्सकीय जांच करायी गयी. डॉ. स्मृति कुमारी के अनुसार जांच में गर्भस्थ शिशु के अलावा करीब 18 सेंटीमीटर आकार का बड़ा सिस्ट पाया गया. सिस्ट में करीब आठ लीटर द्रव जमा होने की बात सामने आयी.
गर्भावस्था के कारण चुनौतीपूर्ण थी प्रक्रिया
चिकित्सक के अनुसार गर्भावस्था के कारण सिस्ट को हटाने की प्रक्रिया सामान्य मामलों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण थी. चिकित्सकीय टीम ने सावधानी और आवश्यक निगरानी के साथ दूरबीन पद्धति से प्रक्रिया पूरी की. सिस्ट से करीब आठ लीटर द्रव निकालने के बाद उसे हटाया गया. डॉ. स्मृति कुमारी के अनुसार प्रक्रिया के दौरान गर्भस्थ शिशु को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ.
24 घंटे बाद अस्पताल से मिली छुट्टी
ऑपरेशन के बाद महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया. करीब 24 घंटे बाद स्थिति सामान्य पाए जाने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. महिला और गर्भस्थ शिशु के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और चिकित्सकीय टीम के प्रति आभार जताया.
पहली बार मां बनने वाली हैं नविता
महिला के साथ अस्पताल पहुंचीं उनकी बड़ी बहन और आलमनगर क्षेत्र के बढ़ौना निवासी पुनीता देवी ने बताया कि नविता की शादी वर्ष 2021 में राजेश यादव के साथ हुई थी. इस बार वह पहली बार मां बनने वाली हैं. उन्होंने बताया कि पेट में दर्द और सांस लेने में परेशानी के कारण परिवार के लोग काफी चिंतित थे. ऑपरेशन के बाद महिला और गर्भस्थ शिशु के सुरक्षित होने से परिवार को राहत मिली.
डॉक्टर ने बताया चुनौतीपूर्ण था ऑपरेशन
डॉ. स्मृति कुमारी ने बताया कि महिला के पेट में गर्भस्थ शिशु के साथ करीब 18 सेंटीमीटर का अतिरिक्त द्रव्यमान मौजूद था, जिसमें लगभग आठ लीटर द्रव भरा हुआ था. गर्भावस्था के दौरान इस तरह की स्थिति में प्रक्रिया करना चुनौतीपूर्ण था. उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय सावधानी और निगरानी के साथ दूरबीन पद्धति से सिस्ट को हटाया गया. ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति सामान्य रही.
