ग्वालपाड़ा (मधेपुरा) से रिपोर्ट,
ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के खोखसी पंचायत अंतर्गत अमौना गोढ़ियारी गांव में शुक्रवार को एक ऐसी दुखद और हैरान करने वाली घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. खेल-कूद और पढ़ाई की उम्र में दो सगी बहनों 14 वर्षीय रीता कुमारी और 12 वर्षीय अनीता कुमारी ने घर के भीतर ही गले में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं गांव का हर शख्स इस सामूहिक आत्मघाती कदम से हैरान है.-क्या है पूरा मामला-
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दोनों बहनें अपनी मां कविता देवी के साथ खेत में मक्का का भुट्टा छीलने गई थीं. काम के दौरान ही किसी बात को लेकर मां और बेटियों के बीच कहासुनी हुई. गुस्से में आकर मां कविता देवी ने मक्के के एक-एक डंठल से दोनों बेटियों पर हल्की चोट कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, उस वक्त दोनों बहनों ने मौके पर कोई विरोध या तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी और कुछ देर बाद चुपचाप घर लौट आईं.
-मां लौटी तो फंदे से झूल रही थीं बेटियां-
दोपहर करीब ढाई बजे जब मां काम निपटाकर वापस घर पहुंची, तो अंदर का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. दोनों बेटियां कमरे में फंदे से लटकी हुई थीं. चीख-पुकार मचाते हुए मां ने तुरंत दराती से रस्सी काटी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी और ग्रामीण भारी संख्या में जुट गए.
-पुलिस ने शव को कब्जे में लिया, जांच में जुटे एसडीपीओ-
ग्रामीणों की सूचना पर ग्वालपाड़ा के प्रभारी थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार, एएसआई ब्रजेश कुमार और इंस्पेक्टर संतोष कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया है. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीपीओ अविनाश कुमार ने भी घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने पीड़ित माता-पिता और पड़ोसियों से पूछताछ कर मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है.। पिता अरुण मुखिया पेशे से मजदूर हैं और बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं.
