साहित्यकार सह अधिवक्ता विनोद आजाद बने नोटरी मजिस्ट्रेट, चौसा वासियों में खुशी मधेपुरा/चौसा कहते हैं जो चीज एक प्रतिभावान आदमी को सफल आदमी से अलग करती है. वह कठिन परिश्रम है. सफलता की सीढ़ी ही परिश्रम है. उक्त बातें लोक अभियोजक विवेका कुमार सिंह के द्वारा अपने उद्घाटन संबोधन के दौरान कही गई. साहित्यकार सह अधिवक्ता विनोद आजाद के नोटरी मजिस्ट्रेट बनने पर चौसा के आवासीय कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मधेपुरा के लोक अभियोजक विवेका कुमार सिंह ने कहा कि जिन्हें जीवन में कुछ अलग हटकर करने का जज्बा हो उन्हें सम्मान और पहचान के लिए किसी का मोहताज होना नहीं पड़ता है. विनोद आजाद ने करीब 20 वर्षों तक पत्रकारिता जगत में अपनी लोहा मनवाया. इनके द्वारा लिखित कई प्रकाशित पुस्तकों ने काफी प्रतिष्ठा पाई हैं. सम्मान समारोह को संबोधित करते हुये क्षेत्रीय विधायक सह विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव की धर्मपत्नी बेबी रानी ने कहा कि आजाद हमेशा गरीब गुरबों को सस्ता व सुलभ न्याय दिलाने के पक्षधर रहे हैं. समाजसेवा के लिए विनोद आजाद एक जाना पहचाना नाम है. जदयू प्रखंड अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने कहा कि विनोद आजाद का सरल जीवन युवा पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है. इन्होंने कई बार विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी धैर्य और महानता का परिचय दिया है. कार्यक्रम को मुख्य रूप से प्रो. नवल किशोर जयसवाल, मनोज सिंह कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि कुंदन कुमार बंटी, कम्युनिस्ट नेता श्यामसुंदर शर्मा, पुर्व भाजपा अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह, नेता सुबोध कुमार पासवान, साहित्यकार संजय कुमार सुमन, अधिवक्ता उत्तम कुमार, शिक्षक जयप्रकाश मंडल आदि ने भी संबोधित किया. जबकि मौके पर प्रमुख रूप से बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष गणपति मेहता, कोषाध्यक्ष अभिनेश्वर मिश्रा, निगरानी समिति सदस्य संजय कुमार यादव, राजेंद्र मेहता, अरुण कुमार महतो, प्रभात कुमार, सरपंच प्रतिनिधि मोहम्मद कुर्बान, क्षितिज प्रसाद सिंह, उप सरपंच लाल बहादुर शर्मा, जदयू युवा अध्यक्ष नरोत्तम कुमार गांधी, जीवन कुमार ज्योति आदि मौजूद थे.
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