मधेपुरा.
मधेपुरा–सहरसा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 107 पर सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की लापरवाही अब सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो रही है. इस मार्ग पर बने अव्यवस्थित डिवाइडर से टकराकर अब तक कई लोग जख्मी हो चुके हैं, जबकि हादसों में कई लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बावजूद विभाग व प्रशासन उदासीन है.कोहरे व रात में सड़क के दोनों किनारों सफेद पट्टी नहीं रहने व डिवाइडर में रेडियम संकेतक नहीं होने से वाहन चालकों को सही अंदाजा नहीं मिल पाता है. खासकर मिठाई क्षेत्र में स्थिति और भी भयावह है, जहां डिवाइडर अचानक सामने आ जाता है और तेज रफ्तार वाहन सीधे उससे टकरा जाता है. स्थानीय लोगों ने कहा कि आये दिन यहां हादसे होते हैं. दुर्घटनाओं के बाद कुछ समय के लिए चर्चा जरूर होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, न तो चेतावनी बोर्ड लगाया गया है, न ही डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर या रेडियम स्ट्रिप और न ही सड़क के किनारों पर सफेद लाइन खींची गयी है. यह स्थिति सीधे तौर पर विभागीय उदासीनता व जिम्मेदारों की संवेदनहीनता को उजागर करती है. स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व राहगीरों ने प्रशासन से बार-बार मांग की है कि एनएच-107 पर तत्काल प्रभाव से सड़क सुरक्षा मानकों को लागू किया जाये.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
