मधेपुरा. राज्य सरकार के कला व संस्कृति विभाग द्वारा कलाकारों के संवर्धन, सम्मान व आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से कई योजनाएं शुरू की है. इन योजनाओं से कलाकारों को जोड़ने के लिए विभाग द्वारा एक डिजिटल पोर्टल विकसित किया गया है, इस पर कलाकारों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. जिला कला व संस्कृति पदाधिकारी आम्रपाली कुमारी ने बताया कि गीत, संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला, शिल्प, लेखन सहित विभिन्न विधाओं में कार्यरत कलाकार पोर्टल पर निबंधन कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे. पंजीकृत कलाकारों को न केवल आर्थिक सहायता दी जायेगी, बल्कि उन्हें सरकारी मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा. आम्रपाली ने कहा कि जिले के कवि, कहानीकार, चित्रकार, गायक, वादक, नाट्य कलाकार, नर्तक, उद्घोषक, शिल्पकार सहित कला के किसी भी क्षेत्र में सक्रिय कलाकार कला संस्कृति विभाग के पोर्टल पर घर बैठे कभी भी ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं. पंजीकरण के लिए कलाकारों की उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गयी है. इससे युवा व वरिष्ठ दोनों कलाकार योजना का लाभ ले सकेंगे. 50 वर्ष से अधिक उम्र के कलाकारों को पेंशन लाभ राज्य सरकार ने पहली बार कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र कलाकारों को प्रति माह 3000 रुपये की पेंशन दी जायेगी. उन्होंंने बताया कि विभाग द्वारा कलाकारों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें मंच प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है. जिले में शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रशिक्षण केंद्र उपलब्ध कराया जायेगा, जहां शास्त्रीय गायन, वादन व नृत्य विधाओं के कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. केवल ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत कलाकारों को ही प्रखंड, जिला और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में शामिल किया जायेगा, इसलिए सभी कलाकारों से अपील है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें.
कलाकारों के संवर्धन, सम्मान व आर्थिक सहयोग के उद्देश्य शुरू की गयी है कई योजनाएं
कलाकारों के संवर्धन, सम्मान व आर्थिक सहयोग के उद्देश्य शुरू की गयी है कई योजनाएं
