एम्बुलेंस चालकों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा पर पड़ रहा असर

एम्बुलेंस चालकों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा पर पड़ रहा असर

मधेपुरा. जिले में 102 एम्बुलेंस चालकों ने मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है. इसके कारण जिले के स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था पर असर दिख रहा है. मरीजों को निजी एंबुलेंस पर निर्भर रहना पड़ रहा है . एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले शुरू इस आंदोलन में करीब 102 चालक शामिल हैं. इन चालकों का कहना है कि उन्हें श्रम संसाधन विभाग की ओर से घोषित न्यूनतम मजदूरी 21 हजार रुपये नहीं मिल रही है. इसके अलावा उन्हें एजेंसी की ओर से बिना शर्त नियुक्ति पत्र और स्लिप नहीं दी जा रही है. वेतन के साथ-साथ उन्हें ईएसआईसी व ईपीएफ के अंशदान का भी भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है. दुर्घटना बीमा का लाभ भी उन्हें नहीं मिल रहा है. इससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गयी है. सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि कार्य अवधि में वृद्धि कर उन्हें रोजाना 12 घंटे की ड्यूटी करायी जाती है, जबकि भुगतान महज 10,200 रुपये ही मिलता है. नियुक्ति पत्र व स्लिप दी जाय, ईएसआईसी एवं ईपीएफ का योगदान समय पर जमा हो, दुर्घटना बीमा का लाभ मिले और यदि दुर्घटना या मृत्यु हो तो 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाय. चालकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जायेगा.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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