कुमारखंड. प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रोजेक्ट कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय कुमारखंड में सोमवार को आयोजित जदयू का संगठनात्मक चुनाव आपसी विवाद के बाद टल गया. चुनाव संबंधी मामलों पर अब शीर्ष नेतृत्व निर्णय लेगा. संगठनात्मक चुनाव हेतु आयोजित कार्यक्रम में चुनाव पर्यवेक्षक संजीव कुमार सज्जन के नेतृत्व में प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी रतन कुमार यादव ने प्रखंड अध्यक्ष के चुनाव हेतु निर्वाचन की प्रक्रिया की शुरुआत की गयी. इस दौरान आपसी सहमति या सर्वसम्मति से प्रखंड अध्यक्ष के चुनाव का प्रस्ताव दिया गया. साथ ही कहा गया कि ऐसा नहीं होने पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. उपस्थित सक्रिय सदस्यों ने आपसी सहमति या सर्वसम्मति नहीं बल्कि मतदान प्रक्रिया से चुनाव की बात कही गयी. सदस्यों की राय के बाद आरओ द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने को कहा गया. इस दौरान प्रखंड अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार गांधी समेत विष्णु कुमार फौजी, उपेंद्र प्रसाद यादव, उमेश कुमार मेहता, अविनाश कुमार, कृष्ण कुमार चौधरी, अशोक यादव उर्फ अमीर मंडल, उमाशंकर चौधरी, अखिलेश कुमार, प्रमोद कुमार एवं गजेंद्र यादव ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया. अभ्यर्थियों की लंबी फेहरिस्त देख कर पर्यवेक्षक संजीव कुमार सज्जन एवं प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी रतन कुमार यादव द्वारा पुनः आपसी सहमति बनाते हुए किसी एक व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव देने की बात कही गयी. इस दौरान सभी अभ्यर्थी अपनी अपनी बातें रखी. इस दौरान सभी प्रत्याशी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे. इस दौरान यहां तक बात आयी कि कुछ लोगों द्वारा साजिश के तहत बड़ी संख्या में राजद एवं अन्य पार्टी के कार्यकर्ता एवं समर्थकों को सदस्य बनाया है. वैसी लोग भी प्रखंड अध्यक्ष के पद की दावेदारी पेश किया जो कल तक राजद एवं अन्य पार्टी के नेता व कार्यकर्ता थे. इस वाद विवाद एवं आपसी सहमति नहीं होने पर पर्यवेक्षक एवं प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा संगठनात्मक चुनाव को स्थगित कर दिया. इस संबंध में प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि वाद विवाद एवं आपसी सहमति नहीं होने के कारण निर्वाचन कार्य को स्थगित कर दिया गया, चुनावी प्रक्रिया को शीर्ष नेतृत्व के समक्ष भेजा जा रहा है.
आपसी वाद-विवाद के बाद जदयू का संगठनात्मक चुनाव टला
प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रोजेक्ट कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय कुमारखंड में सोमवार को आयोजित जदयू का संगठनात्मक चुनाव आपसी विवाद के बाद टल गया.
