सड़क किनारे पुआल और मवेशी बांधकर फैलाया जा रहा है अतिक्रमण

अतिक्रमण फैलाए हुए. प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत गांव में सड़कें बनाई गयी हैं

ग्रामीण सड़कों पर पशु बांधने से ग्रामीण हो रहे परेशान

उदाकिशुनगंज

प्रखंड अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर पशुओं को बांधकर अतिक्रमण करने के चलते राहगीरों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस समय हालत यह है कि गांव की हर सड़क पर या तो पशु बंधे हुए या फिर गोबर के बड़े ढेर लगे हुए हैं. गांव के लोग इस समस्या से समाधान के लिए प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके है. लेकिन अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की कोई सड़क या चौराहा ऐसा नहीं है. जहां सड़क के ऊपर पशु न बंधे हों. इतना ही नहीं ये बात इन तस्वीरों से अनुभव कर सकते हैं कि किस प्रकार गांव में लोग अतिक्रमण फैलाए हुए. प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत गांव में सड़कें बनाई गयी हैं. इससे गांव के लोगों को निकलने एवं वाहनों को आने जाने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े. वहीं दूसरी ओर गांव के लोग ही घरेलू जानवरों को सड़क किनारे बांध कर रखते हैं. इससे सड़क में काफी अतिक्रमण फैला हुआ है और सड़क जाम हो जाती हैं.

वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत होती हैं और कभी-कभी ऐसा भी होता है कि जानवर मारने को भी दौड़ पड़ते हैं जिससे हादसे भी हो जाते हैं लेकिन इस बड़ी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. सरकार हर प्रयास कर रही है कि गांव में सारी व्यवस्थाएं हो सके लेकिन यह तभी संभव होगा जब गांव के लोग इस बात को समझेंगें. क्योंकि ये सिर्फ सरकर कि जिम्मेदारी नहीं है, सरकार का काम विकास कराना है लेकिल अतिक्रमण से बचना लोगों का काम है. इससे लोग खुद सुरक्षित रहे. सड़के जानवरों के बांधने के लिए नहीं बनाई जाती है. यह सड़कें वाहनों के निकलने के लिए और लोगों को आने जाने में किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इसलिए बनायी जाती हैं, लेकिन उन सड़कों का सही उपयोग न करके लोग दुरुपयोग कर अतिक्रमण फैलाने में सबसे आगे हो रहे है. सड़क के किनारे जानवरों को बांधने से गंदगी भी फैलती है. सिंगल सड़क में मवेशी को सड़क के किनारे बंधने में काफी समस्याएं आ जाती है. अगर गांव में भी अधिकारियों का आना-जाना होता तो शायद ये स्थिति नही होती. लोगों ने प्रशासन से कार्यवाही किये जाने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >