सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर के पंडाल में लगी भीषण आग, टेंट कर्मियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में गुरुवार अहले सुबह एक विशाल पंडाल में भीषण आग लग गई. आग से अफरातफरी मच गई, लेकिन टेंट कर्मियों की तत्परता और स्थानीय लोगों के प्रयास से बड़ा हादसा टल गया. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें शादी समारोह से जुड़े पटाखे या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है.

मधेपुरा : बिहार के प्रसिद्ध सिंहेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में गुरुवार अहले सुबह करीब 25 हजार वर्गफीट में बने विशाल पंडाल में अचानक आग लग गयी. पंडाल के बीचोंबीच आग भड़कने के बाद देखते ही देखते धुएं का गुबार उठने लगा और आग की लपटें फैलने लगीं. पंडाल में सो रहे श्रद्धालुओं और टेंट कर्मियों के बीच अफरातफरी मच गयी. लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

आग की लपटें और धुआं देखकर आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया. शोर सुनकर पंडाल में सो रहे टेंट कर्मियों की नींद खुली. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टेंट कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किये बिना पंडाल के ऊपर चढ़कर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया. इसी बीच दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची. हालांकि, बताया गया कि दमकल में पानी खत्म हो जाने के कारण आग बुझाने में तत्काल परेशानी हुई.

टेंट कर्मियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

टेंट कर्मियों की तत्परता और स्थानीय लोगों के प्रयास से आग को विकराल रूप लेने से रोक लिया गया. इससे बड़ा हादसा टल गया और पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की जान बच गयी. घटना के बाद मंदिर परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा.

शादी समारोह से जुड़ा मामला, दूल्हा और बाराती हिरासत में

आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. बताया गया कि घटना से पहले मंदिर परिसर में शादी समारोह चल रहा था. संदेह के आधार पर प्रशासन ने दूल्हे और कुछ बारातियों को हिरासत में लिया है. घटना के बाद वधू अपने परिजनों के साथ वहां से चली गयी.

प्रशासन को आशंका है कि शादी समारोह के बाद छोड़े गये पटाखों की चिंगारी से पंडाल में आग लगी हो सकती है. हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

शॉर्ट सर्किट या पटाखे की चिंगारी, सीसीटीवी से खुलेगा राज

आग लगने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच में जुटे हैं. आग शॉर्ट सर्किट से लगी या शादी समारोह में छोड़े गये पटाखों से, इसका पता सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद चलने की उम्मीद है.

श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि ऐसी घटना सोमवार को होती, जब सिंहेश्वरनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी. बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका रहती.

फिलहाल बड़ा हादसा टल गया है, लेकिन घटना ने मंदिर परिसर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, पंडाल की निगरानी और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिये हैं. अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से लगी और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई.


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लेखक के बारे में

By सुशांत कुमार

सुशांत कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिंहेश्वर (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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