सिंहेश्वर धाम में पहली सोमवारी की तैयारियां पूरी, हजारों शिवभक्त करेंगे जलाभिषेक

मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम में सावन की पहली सोमवारी के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. हजारों शिवभक्तों के जलाभिषेक की उम्मीद है.

Singheshwar Dham: मधेपुरा जिले के प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम में सावन की पहली सोमवारी को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. रविवार देर रात तक मंदिर परिसर और आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया. जिला प्रशासन और सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो.

पहली सोमवारी पर हजारों शिवभक्तों के सिंहेश्वर धाम पहुंचने की संभावना है. इसी को देखते हुए मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है और डाक बम, दंड प्रणाम करने वाले श्रद्धालुओं तथा सामान्य कांवरियों के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग बनाए गए हैं.

प्रशासन ने पूरी की व्यापक तैयारी

जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के निर्देश पर मंदिर परिसर में मेडिकल सुविधा, दवा, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की गई है. न्यास प्रशासन के साथ स्थानीय सामाजिक संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हैं. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जलाभिषेक के दौरान किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य या व्यवस्था संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े.

डाक बम और सामान्य श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था

सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने डाक बम और दंड प्रणाम करने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य द्वार से अलग प्रवेश व्यवस्था बनाई है. सामान्य श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग के माध्यम से कतारबद्ध मार्ग तैयार किया गया है ताकि भीड़ का दबाव कम हो और दर्शन-पूजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके.

श्रद्धालुओं से कतार में रहने की अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करें और वरिष्ठ नागरिकों तथा महिलाओं को प्राथमिकता दें. मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के शोर-शराबे या अफवाह से बचने की सलाह दी गई है.

यदि किसी को कोई लावारिस वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पास में मौजूद पुलिसकर्मी या मंदिर न्यास समिति के सदस्य को इसकी सूचना देने को कहा गया है.

सावन में जलाभिषेक का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार सावन माह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है और इस महीने जलाभिषेक का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने विष ग्रहण कर देवताओं की रक्षा की थी. उसी विष की तपन को शांत करने के लिए श्रद्धालु गंगाजल और पवित्र जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं.

बेलपत्र, भांग और गंगाजल के साथ जलाभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते हैं.

एलईडी रोशनी से जगमग होगी बाबा नगरी

श्रावण और भाद्रपद मेले को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं. प्रशासन का कहना है कि रात के समय भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा.

Singheshwar Dham: स्थानीय लोगों में उत्साह, व्यापारियों को अच्छी उम्मीद

श्रावणी मेले को लेकर सिंहेश्वर धाम और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है. विशेष रूप से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को इस मेले से अच्छी आय की उम्मीद है. पूजा सामग्री, प्रसाद, भोजन और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबारियों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.

स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी श्रद्धालुओं की सेवा में सक्रिय हैं. उनका कहना है कि बाबा के भक्तों की सेवा करना भी शिव भक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.

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लेखक के बारे में

By सुशांत कुमार

सुशांत कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिंहेश्वर (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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