शंकरपुर (मधेपुरा). सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरपुर के सभागार में बुधवार को जीरो-डोज बच्चों को नियमित टीकाकरण से जोड़ने के लिए पंचायती राज प्रतिनिधियों और क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों की एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जी.के. दिनकर ने की. मंच संचालन वाधवानी एआई के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर बिरेंद्र प्रसाद साहू ने किया.
छूटे बच्चों को पूर्ण टीकाकरण से जोड़ने पर मंथन
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित और नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें संपूर्ण टीकाकरण का लाभ दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गयी. प्रशिक्षण के दौरान जीरो-डोज और टीका लेने से इनकार करने वाले बच्चों की पहचान, सत्यापन और माइक्रोप्लान के तहत सूची तैयार करने के तरीकों की जानकारी दी गयी.
साथ ही समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाने और टीकाकरण को लेकर परिवारों की झिझक या विरोध को दूर करने पर भी जोर दिया गया.
जनप्रतिनिधियों ने सीखी फील्ड मॉनिटरिंग की बारीकियां
बैठक में शामिल मुखिया और वार्ड सदस्यों को घर-घर संपर्क करने, टीकाकरण के प्रति उदासीन अभिभावकों की काउंसलिंग करने और टीका लेने से इनकार करने वाले परिवारों से सकारात्मक संवाद स्थापित करने के तरीके बताए गए.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जी.के. दिनकर ने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र में जीरो-डोज और हाई-रिस्क बच्चों की पहचान कर उन्हें पूर्ण प्रतिरक्षित कराने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की.
मुखिया ने खुद परिवार से संपर्क का लिया संकल्प
समीक्षा के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 42, बगबियानी के अंतर्गत एक जीरो-डोज बच्चे का मामला सामने आया. बताया गया कि बच्चे के परिजन लगातार टीका दिलवाने से इनकार कर रहे हैं.
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुखिया बिरेंद्र कुमार शर्मा ने पहल की. उन्होंने बैठक में आश्वासन दिया कि वे स्वयं गुरुवार को संबंधित परिवार के घर जाएंगे, अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें टीकाकरण के लिए समझाएंगे और बच्चे को टीका दिलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे.
जागरूकता और संवाद से टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने पर जोर
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जीरो-डोज बच्चों को टीकाकरण से जोड़ने के लिए केवल स्वास्थ्यकर्मियों के स्तर पर प्रयास पर्याप्त नहीं हैं. पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रभावशाली लोगों की भागीदारी से ऐसे परिवारों तक पहुंच आसान हो सकती है, जो स्वास्थ्य सेवाओं से दूर हैं या टीकाकरण को लेकर हिचकिचाते हैं.
स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जी.के. दिनकर, मुखिया बिरेंद्र कुमार शर्मा, कुंदन कुमार, वाधवानी एआई के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर बिरेंद्र प्रसाद साहू सहित विभिन्न पंचायतों के पीआरआई सदस्य, आशा फैसिलिटेटर और क्षेत्र के प्रभावशाली एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. बैठक में जीरो-डोज बच्चों तक पहुंच बनाने और उन्हें नियमित टीकाकरण से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया.
