सड़क पर घुटने भर पानी जमा रहने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे आए दिन बाइक और ई-रिक्शा (टोटो) पलट रहे हैं. विगत दिन भी एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गया, जिससे उस पर सवार कई यात्री चोटिल हो गए. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार अब तक दर्जनों लोग यहां दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है.
अधिकारियों और वीआईपी रूट की अनदेखी से आक्रोश
यह मुख्य मार्ग जिले की लाइफलाइन माना जाता है, फिर भी इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है:
- वीआईपी मूवमेंट: यह सड़क मुरलीगंज और बिहारीगंज को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिससे होकर प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और हजारों आम लोगों का आवागमन होता है.
- अतिक्रमण और जलजमाव: स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क किनारे बसे लोगों ने अपने मकान ऊंचे कर लिए हैं और नालियों का निर्माण न होने से बारिश का पानी सीधे सड़क पर जमा हो रहा है. इसके अलावा लोग सड़क किनारे मवेशियों का गोबर व खलिहान का सामान रखकर अतिक्रमण कर रहे हैं, जिससे यातायात बाधित है.
सरकारी योजनाओं की खुली पोल, पंचायत स्तर पर व्यवस्था फेल
ग्रामीणों ने विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- सात निश्चय योजना बेअसर: ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की 'गली-नाली योजना' का लाभ आबादी वाले उन क्षेत्रों तक नहीं पहुंच सका जहां से स्टेट हाईवे गुजरता है.
- समय पर नहीं खुली आंख: यदि पंचायत स्तर पर जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) की समुचित व्यवस्था पहले की जाती, तो मुख्य सड़क पर पानी जमा होने और इसके कारण बार-बार पिच टूटने की नौबत ही नहीं आती.
दो से तीन दिनों में शुरू होगा मरम्मत कार्य: कार्यपालक अभियंता
स्टेट हाईवे-91 की इस जर्जर स्थिति और राहगीरों को हो रही जानलेवा परेशानी को लेकर विभागीय अधिकारी ने आश्वासन दिया है:
"कोल्हायपट्टी के पास जलजमाव और क्षतिग्रस्त सड़क की समस्या संज्ञान में है. भारी वाहनों की आवाजाही और जल निकासी न होने से सड़क को नुकसान पहुंचा है. विभाग इस मामले को लेकर गंभीर है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर इस प्रभावित खंड पर सड़क मरम्मत (विभागीय पैच वर्क) का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करा दिया जाएगा, ताकि आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके." — रणधीर कुमार, कार्यपालक अभियंता, आरसीडी (Road Construction Department)
