मधेपुरा में बदलते मौसम का असर, सदर अस्पताल में रोज पहुंच रहे मरीज, बुखार और सर्दी-खांसी के केस सबसे ज्यादा

Madhepura Health News: मधेपुरा सदर अस्पताल में बदलते मौसम के कारण मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. रोज 800 से 1000 मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं, जिनमें अधिकांश को बुखार, सर्दी और खांसी है. स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है.

Madhepura Health News: बदलते मौसम के बीच मधेपुरा सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. रोजाना 800 से 1000 मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं, जिनमें 60 से 70 प्रतिशत बुखार, सर्दी और खांसी से पीड़ित हैं. डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी है.

मधेपुरा में बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है. रुक-रुक कर हो रही बारिश, उमस भरी गर्मी और तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है. इसका सबसे बड़ा असर सदर अस्पताल में देखने को मिल रहा है, जहां इन दिनों ओपीडी से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार रोजाना आने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या बुखार, सर्दी, खांसी और गले में संक्रमण से पीड़ित लोगों की है.

400 से बढ़कर 1000 तक पहुंची मरीजों की संख्या

सदर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार कुछ सप्ताह पहले तक ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 400 से 500 मरीज पहुंचते थे. अब यह संख्या बढ़कर 800 से 1000 तक पहुंच गई है. इनमें लगभग 60 से 70 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश और बदन दर्द जैसी शिकायतों के साथ इलाज के लिए आ रहे हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है. इसका असर सबसे अधिक बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है.

ओपीडी और दवा काउंटर पर लंबी कतारें

सुबह अस्पताल खुलते ही पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है. कई मरीजों ने बताया कि पर्ची बनवाने और डॉक्टर से मिलने में काफी समय लग रहा है. दवा वितरण काउंटर पर भी भीड़ बढ़ने से लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है.

हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी मरीज को बिना इलाज के वापस नहीं भेजा जा रहा है.

इमरजेंसी वार्ड पर भी बढ़ा दबाव

तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर संक्रमण वाले मरीजों को सीधे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया जा रहा है. कई मरीजों को ड्रिप और अन्य आवश्यक उपचार दिए जा रहे हैं. डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगातार मरीजों की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण उन पर भी कार्यभार बढ़ गया है.

ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे मरीज

अस्पताल प्रशासन के अनुसार ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. कई लोगों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें इलाज के लिए सीधे सदर अस्पताल आना पड़ रहा है. इससे जिला अस्पताल पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है.

Madhepura Health News: डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश मरीज मौसमी वायरल संक्रमण से प्रभावित हैं, जो समय पर इलाज मिलने पर कुछ दिनों में ठीक हो सकता है. लोगों को बारिश में भीगने से बचने, स्वच्छ पानी पीने, संतुलित भोजन करने और हाथों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.

यदि लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, तेज खांसी या कमजोरी महसूस हो तो बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए. बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचना चाहिए.

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स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने बढ़ी चुनौती

लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या जिला स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए नई चुनौती बन गई है. अस्पताल प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम में यही स्थिति बनी रही तो अगले कुछ दिनों तक वायरल संक्रमण के मामलों में और वृद्धि हो सकती है. ऐसे में समय पर इलाज और सावधानी ही इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.

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Author: Aman kumar

Published by: Pratyush Prashant

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