Madhepura Education News: मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से शुक्रवार को नॉर्थ कैंपस स्थित विज्ञान भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में "अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026" विषय पर विशेष शैक्षणिक संवाद आयोजित किया गया. कार्यक्रम नई शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता, शोध और नवाचार को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.
नई शिक्षा नीति को बताया उच्च शिक्षा के लिए परिवर्तनकारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. एस. झा ने कहा कि नयी शिक्षा नीति-2020 उच्च शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, शोधोन्मुख, नवाचार आधारित और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में इस नीति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी.
विश्वविद्यालय में प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया जोर
कुलपति ने विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को और अधिक गति देने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है.
शिक्षा सुधार और नवाचार पर हुई विस्तृत चर्चा
शैक्षणिक संवाद के दौरान नई शिक्षा नीति-2020 की उपलब्धियों, उच्च शिक्षा में किए गए सुधारों, संस्थागत श्रेष्ठ प्रथाओं, शोध एवं नवाचार, हरित परिसर, छात्र-केंद्रित शिक्षण व्यवस्था तथा उच्च शिक्षा की भावी प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई. प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर अपने विचार साझा किये.
शिक्षक, शोधार्थी और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक डॉ. अक्षी त्यागी ने किया. इस अवसर पर डीएसडब्ल्यू प्रो. (डॉ.) उमाशंकर चौधरी, विभिन्न संकायों एवं विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राचार्य, शोधार्थी, आईक्यूएसी के समन्वयक प्रो. (डॉ.) नरेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे.
विकसित भारत-2047 के लिए समन्वित प्रयास की जरूरत
Madhepura Education News: प्रतिभागियों ने शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया. वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभायेगा.
