21 साल के लंबे इंतजार के बाद कोसी-सीमांचल के यात्रियों को पाटलिपुत्र से पूर्णिया कोर्ट के बीच रात्रिकालीन ट्रेन की सौगात मिली है. मंगलवार से शुरू हुई ट्रेन के मुरलीगंज पहुंचते ही रेल संघर्ष समिति के सदस्यों ने चालक, सहायक लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मास्टर का माला व अंगवस्त्र से स्वागत किया और मिठाई खिलाकर खुशी जताई.
चालक और रेलकर्मियों का किया सम्मान
ट्रेन के मुरलीगंज पहुंचते ही रेल संघर्ष समिति के सदस्य स्टेशन पर जुट गए. समिति की ओर से लोको पायलट और सहायक लोको पायलट का स्वागत किया गया. इसके बाद गार्ड और स्टेशन मास्टर को भी सम्मानित किया गया. सदस्यों ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद क्षेत्र को रात्रिकालीन ट्रेन की सुविधा मिलना बड़ी उपलब्धि है.
यात्रियों से जाना ट्रेन का अनुभव
समिति के सदस्यों ने ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों से भी बातचीत की. तीन टियर एसी, दो टियर एसी और जनरल कोच में जाकर यात्रियों से नई ट्रेन सेवा और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई. इस दौरान कई यात्रियों को मिठाई भी खिलाई गई. यात्रियों ने रात्रिकालीन ट्रेन शुरू होने से यात्रा में होने वाली सुविधा को लेकर खुशी जताई.
21 साल पुरानी मांग हुई पूरी
रेल संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि पटना से पूर्णिया के बीच रात्रिकालीन ट्रेन चलाने की मांग क्षेत्र के लोगों की करीब 21 वर्षों पुरानी थी. पहले इस ट्रेन के परिचालन की अनुमति सहरसा तक ही मिली थी. इसके बाद पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर ट्रेन को पूर्णिया कोर्ट तक विस्तारित कराने के लिए लगातार प्रयास किया.
समिति ने कहा कि ट्रेन के पूर्णिया कोर्ट तक पहुंचने से मधेपुरा, मुरलीगंज, बनमनखी और पूर्णिया सहित पूरे कोसी-सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. समिति के सदस्यों ने इसके लिए सांसद पप्पू यादव के प्रति आभार जताया.
साढ़े नौ घंटे में पहुंचेगी पूर्णिया कोर्ट
पाटलिपुत्र-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन से सहरसा पहुंचने में करीब 6 घंटे 55 मिनट का समय लगेगा. वहीं पूर्णिया कोर्ट तक की यात्रा लगभग साढ़े नौ घंटे में पूरी होगी. रात्रिकालीन ट्रेन सेवा शुरू होने से नौकरी, शिक्षा, व्यापार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए पटना की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद है.
स्वागत में जुटे समिति के सदस्य
इस अवसर पर बाबा दिनेश मिश्रा, प्रशांत यादव, विकास आनंद, विजय यादव, श्याम आनंद, सुजीत कुमार शास्त्री, कालेंद्र यादव, रोहन मिश्रा, दयानंद शर्मा, पवन यादव, संजय सुमन, जय, जयराम यादव, प्रणव कुमार, रिकी सिंह, अनुराग गौतम सहित रेल संघर्ष समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे.
