मधेपुरा. क्रिश्चियन हॉस्पिटल के सामुदायिक स्वास्थ्य व विकास कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य मानव तस्करी, बाल विवाह व बाल मजदूरी जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना तथा इनसे संबंधित नीतियों मानक संचालन प्रक्रियाओं व कानूनों की जानकारी देना था. कार्यक्रम में मुख्य संसाधन व्यक्ति के रूप में पटना से आयी वरिष्ठ अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट संजू सिंह ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया. उन्होंने मानव तस्करी, बाल शोषण, बाल मजदूरी व बाल विवाह जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हुये इनसे जुड़े कानूनी प्रावधानों, दंड व्यवस्था, तथा सरकार द्वारा उपलब्ध सहायता व पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है. मौके जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पूजा कुमारी साह ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया. उन्होंने डीएलएसए द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न कानूनी सेवाओं, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ितों के अधिकारों व सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति किस प्रकार डीएलएसए से जुड़कर न्याय प्राप्त कर सकते हैं. कार्यशाला में डीएलएसए के पैरा लीगल वॉलंटियर्स, अधिवक्ता, बाल कल्याण समिति के सदस्य, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि तथा मधेपुरा क्रिश्चियन हॉस्पिटल के लगभग 80 कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में रुचि दिखाई और विषय से संबंधित अपने अनुभव व प्रश्न साझा किये. कार्यक्रम का संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य व विकास कार्यक्रम प्रशासक जॉनसन ने किया.
मानव तस्करी, बाल विवाह एवं बाल मजदूरी के खिलाफ लोगों को मिलकर करना होगा कार्य
मानव तस्करी, बाल विवाह एवं बाल मजदूरी के खिलाफ लोगों को मिलकर करना होगा कार्य
