एआइओसीडी के आह्वान 20 मई को एक दिवसीय राष्ट्रीय बंदी

एआइओसीडी के आह्वान 20 मई को एक दिवसीय राष्ट्रीय बंदी

मधेपुरा. देशभर के दवा व्यवसायियों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया ऑगनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एआइओसीडी के आह्वान पर आगामी 20 मई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय बंद का आयोजन किया जायेगा. इस दौरान देश की सभी खुदरा व थोक दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी. मधेपुरा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने भी इस बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है. मधेपुरा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष सर्राफ ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह बंद दवा कारोबार से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर बुलाई गई है. सरकार की नीतियों व ऑनलाइन दवा कारोबार से छोटे दुकानदारों को हो रहे नुकसान के खिलाफ यह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन है. अध्यक्ष मनीष सर्राफ ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ी है. कई बार बिना डॉक्टर की पर्ची के भी एंटीबायोटिक और अन्य संवेदनशील दवाएं बेची जा रही है. इससे मरीजों की सेहत को सीधा खतरा हो रहा है. साथ ही स्थानीय केमिस्टों का कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. दूसरी बड़ी समस्या बड़ी दवा कंपनियों और ऑनलाइन फार्मेसी द्वारा दी जा रही अनियमित छूट है. बड़ी कंपनियां 30 से 40 प्रतिशत तक की छूट दे रही हैं. छोटा दुकानदार इतनी छूट देने में सक्षम नहीं है. इससे परंपरागत दवा व्यवसाय चौपट हो रहा है. सैकड़ों दुकानें बंदी के कगार पर पहुंच गई हैं. तीसरी और सबसे गंभीर मांग नकली दवाओं के बढ़ते कारोबार पर रोक लगाने की है. बाजार में नकली और घटिया गुणवत्ता की दवाओं की भरमार हो गई है. इन दवाओं से मरीजों की जान को खतरा है। संगठन सरकार से नकली दवा कारोबारियों पर सख्त से सख्त कानून बनाने और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहा है. मनीष सर्राफ ने जिले के सभी थोक और खुदरा दवा दुकानदारों से अपील की है कि वे 20 मई को अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखकर इस राष्ट्रीय बंदी को सफल बनाये. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक जिले या राज्य की नहीं है. पूरे देश के नौ लाख से अधिक केमिस्ट इस आंदोलन से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि सरकार तक दवा व्यवसायियों की आवाज मजबूती से पहुंचाने के लिए एकजुटता दिखाना जरूरी है. जब तक सभी दुकानदार एक साथ खड़े नहीं होंगे, तब तक सरकार हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करेगी. बंद के दौरान केवल अस्पतालों के अंदर चलने वाली इमरजेंसी फार्मेसी और जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति को छूट दी जायेगी. एआइओसीडी देश का सबसे बड़ा दवा व्यापारी संगठन है. इससे करीब नौ लाख केमिस्ट व 12 हजार से ज्यादा थोक विक्रेता जुड़े हैं. एक दिन के बंद से दवाओं की खुदरा बिक्री पर असर पड़ना तय है. संगठन ने आम जनता से अपील की है कि वे 20 मई से पहले जरूरी दवाओं का स्टॉक कर लें, ताकि किसी आपात स्थिति में परेशानी न हो. जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को भी बंद की सूचना दे दी है. संगठन ने साफ किया है कि यह बंद शांतिपूर्ण होगा. हमारा मकशद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकार का ध्यान अपनी जायज मांगों की ओर खींचना है.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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