उदाकिशुनगंज. अनुमंडल क्षेत्र से गुजरने वाला एनएच -106 इन दिनों लोगों के लिए खतरे का पर्याय बनता जा रहा है. फुलौत चौक, कॉलेज चौक से लेकर उदा तक का इलाका खासकर हादसों के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है. सोमवार को स्कूली छात्र देवराज कुमार की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों की तेज रफ्तार आवाजाही होती रहती है, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती है. सड़क किनारे स्कूल, बाजार और रिहायशी इलाके होने के बावजूद यहां न तो पर्याप्त स्पीड ब्रेकर हैं और न ही ट्रैफिक नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम. लोगों ने बताया हर दिन यहां हादसे का डर बना रहता है. बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है. कई बार प्रशासन से शिकायत की गयी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला. जनप्रतिनिधियों का भी कहना है कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाये गये, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे. लोगों ने मांग की है कि दिन के समय भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगायी जाय, संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर और संकेतक लगाए जाएं तथा नियमित रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए. स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि हादसे के बाद ही प्रशासन सक्रिय होता है, जबकि पहले से सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया जाता. देवराज की मौत के बाद एक बार फिर लोगों की उम्मीदें प्रशासन से बढ़ गयी है कि अब ठोस और स्थायी कदम उठाये जायेंगे, ताकि किसी और घर का चिराग यूं न बुझ सके.
लगातार हादसों से दहशत में लोग, एनएच -106 बना मौत का रास्ता
लगातार हादसों से दहशत में लोग, एनएच -106 बना मौत का रास्ता
