पूर्णिया कोर्ट-सहरसा रेलखंड पर ट्रेनों के विस्तार में वाशिंग पिट बना बाधा! रेल संघर्ष समिति ने रेल मंत्री से लगाई गुहार

कोसी-सीमांचल के लोग एक दशक से लंबी दूरी की ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन वाशिंग और मेंटेनेंस सुविधा की कमी बड़ी बाधा बनी हुई है. रेल संघर्ष समिति ने मुरलीगंज में वाशिंग पिट निर्माण की मांग कर समाधान का रास्ता सुझाया है. यह क्षेत्र के विकास और यात्रियों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

मधेपुरा. लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए एक दशक से इंतजार कर रहे कोसी-सीमांचल के लोगों की मांग अब रेलवे के सामने जोर पकड़ने लगी है. पूर्णिया कोर्ट-मधेपुरा-सहरसा रेलखंड पर लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में वाशिंग और मेंटेनेंस सुविधा की कमी को बड़ी बाधा बताए जाने के बाद रेल संघर्ष समिति, मुरलीगंज ने इसका वैकल्पिक समाधान सुझाया है. शनिवार को मधेपुरा चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सरावगी को समिति के सचिव विकास आनंद ने ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से मुरलीगंज स्टेशन पर वाशिंग पिट निर्माण के लिए रेल मंत्री के स्तर से पहल कराने की मांग की गयी. इस दौरान समिति के बाबा दिनेश मिश्र भी मौजूद रहे.

करीब एक करोड़ आबादी के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों की मांग

रेल संघर्ष समिति ने अपने ज्ञापन में कहा है कि करीब 100 किलोमीटर लंबे पूर्णिया कोर्ट-सहरसा रेलखंड से लगभग एक करोड़ की आबादी जुड़ी है. इसके बावजूद इस क्षेत्र को लंबी दूरी की ट्रेनों की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है.

समिति के अनुसार वर्ष 2016 से लगातार लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन की मांग की जा रही है. लेकिन वाशिंग और मेंटेनेंस सुविधा उपलब्ध नहीं होने का तर्क देकर लंबी दूरी की ट्रेनों के विस्तार का मामला लंबे समय से लंबित है.

एक ट्रेन मिली, वह भी सप्ताह में पांच दिन

समिति का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेन के नाम पर क्षेत्र को पटना के लिए एक ट्रेन मिली है, लेकिन इसका परिचालन सप्ताह में केवल पांच दिन होता है. शेष दो दिन मेंटेनेंस के नाम पर ट्रेन सहरसा से ही खोली जाती है. समिति ने सवाल उठाया कि जब इस रेलखंड पर वाशिंग पिट और मेंटेनेंस की सुविधा विकसित नहीं होगी तो लंबी दूरी की ट्रेनों का विस्तार कैसे संभव होगा. समिति का मानना है कि स्थानीय स्तर पर मेंटेनेंस की व्यवस्था विकसित होने से नई ट्रेनों के परिचालन का रास्ता आसान हो सकता है.

पूर्णिया कोर्ट और बनमनखी में जमीन बनी बाधा

ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले करीब आठ वर्षों से पूर्णिया कोर्ट और बनमनखी जंक्शन पर वाशिंग पिट निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं. हालांकि जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका.

रेल संघर्ष समिति का तर्क है कि जब मुरलीगंज में करीब 62 एकड़ जमीन उपलब्ध है तो यहां वाशिंग पिट विकसित किया जा सकता है. समिति के अनुसार इससे वर्षों से चली आ रही जमीन और मेंटेनेंस सुविधा की बाधा को दूर किया जा सकता है.

रेल मंत्री से ठोस पहल की मांग

समिति ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से आग्रह किया कि कोसी-सीमांचल की करीब एक करोड़ आबादी की जरूरतों को देखते हुए रेल मंत्री के समक्ष मुरलीगंज में वाशिंग पिट निर्माण की ठोस पहल करें. समिति का कहना है कि यह केवल मुरलीगंज की मांग नहीं है, बल्कि पूर्णिया कोर्ट से सहरसा तक पूरे रेलखंड के यात्रियों की सुविधा और क्षेत्र के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है. वाशिंग पिट बनने से लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन और विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं.

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By Sanjay kumar

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