Madhepura News: मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई. खेत में पड़े नंगे बिजली तार की चपेट में आने से मजदूर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े. उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
खेत में शौच के लिए गए थे, करंट की चपेट में आ गए
घटना जोरगामा पंचायत के वार्ड संख्या तीन की है. मृतक की पहचान 55 वर्षीय कन्नू ऋषिदेव, पिता स्वर्गीय बद्री ऋषिदेव के रूप में हुई है.
परिजनों के अनुसार, कन्नू ऋषिदेव शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे घर के पास स्थित खेत में शौच के लिए गए थे. इसी दौरान खेत में पड़ा नंगा बिजली तार उनके संपर्क में आ गया. तेज करंट लगने से वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े.
ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टर ने मृत घोषित किया
कुछ देर बाद आसपास के लोगों की नजर उन पर पड़ी. ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और उन्हें मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया.
अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. शत्रुघ्न प्रसाद ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई.
परिवार के कमाऊ सदस्य थे कन्नू ऋषिदेव
परिजनों ने बताया कि कन्नू ऋषिदेव मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे और घर के प्रमुख कमाऊ सदस्य थे.
उनकी अचानक हुई मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों तरह के संकट में आ गया है. गांव के लोगों ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद बताया.
बिजली विभाग पर उठे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने खेतों में पड़े खुले और नंगे बिजली तारों को गंभीर खतरा बताते हुए बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे तारों को हटाया या सुरक्षित किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था.
Madhepura News: मुआवजा और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से नंगे तारों को तत्काल हटाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
वहीं, मृतक के परिजनों ने प्रशासन से उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.
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