Madhepura News: मधेपुरा जिले के पुरैनी प्रखंड में पशुपालन विभाग से जुड़े पशु मित्र और टीकाकर्मियों ने नियमित मासिक मानदेय की मांग को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. बिहार राज्य पशु मित्र एवं टीकाकर्मी संघ, पटना के बैनर तले आयोजित धरना प्रदर्शन में एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण कार्य का बहिष्कार करने की घोषणा की गई. आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि वर्षों से विभागीय निर्देश के अनुसार लगातार टीकाकरण अभियान में योगदान देने के बावजूद उन्हें अब तक नियमित मासिक मानदेय नहीं मिला है.
इस निर्णय के बाद एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. पशुपालन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि आंदोलन लंबा खिंचता है तो इसका असर पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण कार्यक्रम पर पड़ सकता है.
वर्षों से काम, लेकिन नियमित मानदेय नहीं
पुरैनी स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान पशु मित्र और टीकाकर्मियों ने कहा कि वे लंबे समय से विभागीय निर्देशानुसार विभिन्न टीकाकरण अभियानों में लगातार कार्य करते आ रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन नियमित मासिक मानदेय लागू करने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई. इसी कारण कर्मियों में व्यापक असंतोष है.
FMD Round-7 टीकाकरण बहिष्कार का समर्थन
धरना प्रदर्शन के दौरान ज्योतिष कुमार झा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पशु मित्र और टीकाकर्मियों ने टीकाकरण बहिष्कार का समर्थन किया.
आंदोलन का समर्थन करने वालों में राजेश कुमार, सचिन कुमार, पिंटू कुमार, मिथिलेश कुमार, रवि कुमार, उमेश कुमार, रमेश दिनकर कुमार यादव, मिथिलेश कुमार यादव, कौशल कुमार, बलराम कुमार, नीरज कुमार, शौविक कुमार यादव, अजय कुमार और विजयेंद्र कुमार मेहता सहित कई अन्य कर्मी शामिल रहे.
मानदेय लागू होने तक जारी रहेगा आंदोलन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक नियमित मासिक मानदेय लागू नहीं किया जाता, तब तक एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा.
कर्मियों ने कहा कि बिना सम्मानजनक पारिश्रमिक के लगातार कार्य करना अब संभव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा.
Madhepura News: पशुपालन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग
संघ ने जिला पशुपालन पदाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है.
कर्मियों का कहना है कि यदि सरकार नियमित मानदेय की व्यवस्था कर देती है तो वे पूरी निष्ठा के साथ टीकाकरण और अन्य पशुपालन संबंधी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं.
फिलहाल आंदोलन के कारण एफएमडी राउंड-7 टीकाकरण अभियान को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है और अब सबकी नजर प्रशासन और संघ के बीच संभावित वार्ता पर टिकी है.
