Madhepura News: ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले बिहार पुलिस के तीन जवानों और पुलिस वाहन चालक के आश्रितों को आर्थिक सहायता एवं सरकारी नौकरी देने की मांग उठी है. समाजसेवी गौरव कबीर ने इस संबंध में बिहार विधान परिषद सदस्य संजय सिंह को आवेदन सौंपकर चारों दिवंगत कर्मियों के परिवारों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की अपील की है. आवेदन में कहा गया है कि कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले कर्मियों के आश्रितों को सम्मानजनक आर्थिक मुआवजा और अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए.
एमएलसी संजय सिंह को सौंपा गया आवेदन
मधेपुरा में समाजसेवी गौरव कबीर ने बिहार विधान परिषद सदस्य संजय सिंह को आवेदन देकर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले चार कर्मियों के आश्रितों के लिए सरकारी सहायता की मांग की है.
आवेदन में कहा गया है कि हाल ही में कर्तव्य पालन के दौरान बिहार पुलिस के जवान नीरज कुमार, साजन पासवान, ज्ञानेंद्र अमरेंद्र तथा पुलिस वाहन चालक ज्योतिष पासवान का आकस्मिक निधन हो गया. इन घटनाओं से उनके परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक संकट गहरा गया है.
वाहन चालक ज्योतिष पासवान के परिवार का भी किया जिक्र
आवेदन में विशेष रूप से उदाकिशुनगंज निवासी पुलिस वाहन चालक ज्योतिष पासवान के परिवार की स्थिति का उल्लेख किया गया है. समाजसेवी का कहना है कि परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य के निधन के बाद आश्रितों के सामने आजीविका, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सरकार की ओर से तत्काल सहायता मिलना जरूरी है, ताकि परिवारों को राहत मिल सके.
आर्थिक मुआवजा और अनुकंपा पर नौकरी की मांग
गौरव कबीर ने मांग की है कि चारों दिवंगत कर्मियों के प्रत्येक आश्रित परिवार को सम्मानजनक आर्थिक मुआवजा दिया जाए. साथ ही प्रत्येक परिवार के एक योग्य सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि परिवार का जीवन-यापन सुचारु रूप से चल सके.
उनका कहना है कि कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों की सहायता करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है.
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सरकार से पहल करने का आग्रह
समाजसेवी ने एमएलसी संजय सिंह से आग्रह किया कि वे इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाएं और चारों परिवारों को जल्द राहत दिलाने की पहल करें.
उन्होंने कहा कि समय पर आर्थिक सहायता और रोजगार मिलने से न केवल पीड़ित परिवारों को संबल मिलेगा, बल्कि पुलिस बल और अन्य कर्मियों का मनोबल भी मजबूत होगा.
इस मामले में अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं.से न केवल पीड़ित परिवारों को संबल मिलेगा, बल्कि पुलिस बल का मनोबल भी मजबूत होगा.
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