मधेपुरा के सदर अस्पताल में CS का औचक निरीक्षण, सफाई और इमरजेंसी व्यवस्था पर जताई नाराजगी

Madhepura News: मधेपुरा सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं. मरीजों की शिकायत सुनने के बाद अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए.

मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट.

Madhepura News: जिले के सदर अस्पताल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सिविल सर्जन डॉ. विजय ठाकुर ने अचानक औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, इमरजेंसी सेवा, नर्स काउंटर और साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया. इस दौरान कई खामियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए.

निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधक कुमार नवनीत चंद्र भी मौजूद रहे. सिविल सर्जन ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया और मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली.

मरीजों ने क्या शिकायत की?

निरीक्षण के दौरान कई मरीजों ने दवा की उपलब्धता और डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति को लेकर शिकायत की. इस पर सिविल सर्जन ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी समय पर उपस्थित रहें और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को अधिकतम दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें बाहर से महंगी दवाएं नहीं खरीदनी पड़ें.

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इमरजेंसी और सफाई व्यवस्था पर क्यों जताई नाराजगी?

इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान बेड की साफ-सफाई, उपकरणों की स्थिति और स्टाफ की सक्रियता को लेकर कई कमियां सामने आईं. इस पर सिविल सर्जन ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इमरजेंसी सेवा अस्पताल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

अस्पताल परिसर, शौचालय और वार्डों की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं पाई गई. इस पर उन्होंने सफाई एजेंसी और संबंधित कर्मियों को फटकार लगाई. उन्होंने नियमित सफाई, कचरा निस्तारण और सैनिटाइजेशन व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया.

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सिविल सर्जन ने कार्रवाई को लेकर क्या कहा?

मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. विजय ठाकुर ने कहा कि सदर अस्पताल जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है और यहां आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर तथा समय पर इलाज मिलना चाहिए.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में भी यदि लापरवाही या अनियमितता की शिकायत मिली, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही अस्पताल प्रशासन को नियमित आंतरिक निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग को भेजने का भी निर्देश दिया गया है.

मरीजों को क्या होगा फायदा?

सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में सक्रियता बढ़ी है. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में अस्पताल की साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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