Madhepura Nagar Parishad Scam: मधेपुरा शहर की सड़कों को रोशन करने के नाम पर क्या जनता की गाढ़ी कमाई की लूट हो रही है. यह सवाल उस वक्त पूरे शहर में कौतूहल का विषय बन गया, जब पूर्व मुख्य पार्षद प्रत्याशी कुमारी विनीता भारती ने नगर परिषद की कार्यशैली और मुख्य पार्षद की चुप्पी पर जोरदार हमला बोला. एक तरफ जहां बाजार में 60 से 80 हजार रुपये में मिलने वाली लाइट को ढाई लाख रुपये प्रति यूनिट के भाव से खरीदा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद की सरकारी फाइलों से रहस्यमयी तरीके से दर्जनों पन्ने ही गायब कर दिए गए हैं. इस पूरे वाकये ने मधेपुरा की स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक साख को कठघरे में खड़ा कर दिया है.
60 हजार की लाइट ढाई लाख में! जेम पोर्टल के आंकड़ों से खुला राज
रविवार को अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व पार्षद विनीता भारती ने दस्तावेजों के साथ नगर परिषद में चल रही कथित वित्तीय अनियमितताओं की पोल खोली. उन्होंने दावा किया कि उनके पास सरकारी जेम पोर्टल समेत कई ऐसे पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं, जो खरीद में हुए बड़े घोटाले की गवाही दे रहे हैं. शहर में लगाए गए लाइट और एलईडी के नाम पर भारी रकम का भुगतान किया गया है. जिस क्षमता वाली लाइट दूसरे नगर परिषदों में महज 60 से 80 हजार रुपये में खरीदी गई, उसी एक लाइट के लिए मधेपुरा नगर परिषद ने करीब 2.50 लाख रुपये प्रति यूनिट चुकाए हैं. इसके अलावा डस्टबिन खरीद और प्याऊ निर्माण की आड़ में भी भारी फर्जीवाड़ा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है.
सरकारी संचिका से 14 पन्ने गायब, बिना बोर्ड बैठक फैसलों की आशंका
वित्तीय गड़बड़ी के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर की जा रही जालसाजी का एक बेहद ही संगीन मामला सामने आया है. विनीता भारती ने खुलासा किया कि नगर परिषद की एक महत्वपूर्ण सरकारी फाइल में क्रमांक का भारी हेरफेर पाया गया है. संचिका में 216 नंबर तक की प्रविष्टि के बाद सीधे 231 नंबर दर्ज कर दिया गया है, जबकि बीच के 217 से 230 तक के कुल 14 पन्ने गायब हैं. उन्होंने आशंका जताई कि बिना बोर्ड की बैठक बुलाए और बिना पार्षदों की मंजूरी के अपने मनचाहे फैसलों को पिछली तारीखों में पास कराने के लिए ही इन पन्नों को जानबूझकर खाली छोड़ा गया है. पिछले एक साल से नियमित बोर्ड बैठक न होना इस संदेह को और मजबूत करता है.
'कल तक जिसके खिलाफ शिकायत, आज उसी के साथ साठगांठ', मुख्य पार्षद पर उठाए सवाल
इस प्रेसवार्ता में सबसे तीखा वार मुख्य पार्षद की कार्यशैली और दोहरे रवैये पर किया गया. विनीता भारती ने याद दिलाया कि लगभग एक वर्ष पूर्व मुख्य पार्षद ने खुद कार्यपालक पदाधिकारी और कुछ चुनिंदा कर्मचारियों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए थे. उस समय कई पार्षदों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री तक को आवेदन भेजा गया था और जांच की मांग की गई थी. लेकिन आज वही मुख्य पार्षद उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं. मधेपुरा की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि जब वे अधिकारी और कर्मचारी गलत थे, तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई और आज उनके साथ मिलकर काम किस मजबूरी या समझौते के तहत हो रहा है.
Madhepura Nagar Parishad Scam: 7 दिनों का अल्टीमेटम, मांगें पूरी न होने पर सड़कों पर उतरेगी जनता
इस पूरे घटनाक्रम ने मधेपुरा की आम जनता के मन में गहरा असंतोष भर दिया है. शहर के लोग टैक्स देते हैं ताकि उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, लेकिन उनके पैसों का दुरुपयोग देखकर गुस्सा पनप रहा है. विनीता भारती ने पिछले एक वर्ष के दौरान आयोजित सभी बैठकों, कार्यवाही पुस्तिका और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की सार्वजनिक जांच की मांग की है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर मुख्य पार्षद विभाग को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की सिफारिश नहीं करती हैं, तो वे आम जनता को एकजुट कर एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेंगी. अब देखना यह होगा कि इस अल्टीमेटम के बाद नगर परिषद प्रशासन क्या कदम उठाता है.
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