मधेपुरा से कुमार आशीष की रिपोर्ट
Madhepura Flood Alert: कोसी क्षेत्र में हर साल बाढ़ की चुनौती को देखते हुए मधेपुरा जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़-2026 के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. राहत और बचाव कार्यों को लेकर सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है. बिहार सरकार की विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की मंत्री सह जिले की प्रभारी मंत्री शीला कुमारी ने समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया.
डीआरडीए परिसर स्थित झल्लू बाबू सभागार में आयोजित बैठक में बाढ़ राहत सामग्री, नावों की उपलब्धता, सामुदायिक रसोई, राहत शिविर, स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई. प्रभारी मंत्री ने कहा कि संभावित आपदा की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
70 नावें, SDRF टीम और हजारों राहत सामग्री तैयार
समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में बाढ़ से निपटने के लिए 153 लाइफ जैकेट और 12,821 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं. इसके अलावा SDRF की 24 सदस्यीय टीम को तैनात रखा गया है. प्रशासन ने निजी नाव मालिकों के साथ समझौता कर 70 नावों की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली है.
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शरण स्थलों और सामुदायिक रसोई केंद्रों का चिन्हांकन भी कर लिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
बाढ़ सुरक्षा सप्ताह के तहत चल रहा जागरूकता अभियान
जिले के बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में 15 मई से 15 जून तक बाढ़ सुरक्षा सप्ताह अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत लोगों को बाढ़ के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों, सुरक्षित निकासी और राहत सेवाओं की जानकारी दी जा रही है.
प्रशासन का मानना है कि आपदा से बचाव में जन-जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसी कारण गांव-गांव जाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है.
38 गोताखोर बने आपदा प्रबंधन के मास्टर ट्रेनर
आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जिले के 38 गोताखोरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा इन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है. जल्द ही इनका आवासीय प्रशिक्षण NDRF केंद्र, पटना में भी कराया जाएगा.
जिला प्रशासन ने आपात स्थिति में सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को सक्रिय रखा है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ संबंधी किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें.
