'चका-चक मधेपुरा' अभियान पर उठे सवाल, शहर में कचरे का अंबार, लोगों ने कहा- पहले सफाई फिर प्रचार

Madhepura News: मधेपुरा नगर परिषद का 'चका-चक मधेपुरा' अभियान कागजों पर दिख रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कचरे के ढेर और जलजमाव की है. स्थानीय नागरिक परेशान होकर नियमित सफाई की मांग कर रहे हैं.

Madhepura News: मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है. एक ओर नगर परिषद 'चका-चक मधेपुरा' अभियान के जरिए शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे जमा कचरा, जलजमाव और फैली गंदगी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई और समय पर कचरा उठाव नहीं होने से दुर्गंध फैल रही है. बारिश के मौसम में हालात और खराब हो गए हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है.

प्रचार और जमीनी हकीकत के बीच दिख रहा अंतर

नगर परिषद की ओर से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर 'चका-चक मधेपुरा' अभियान का व्यापक प्रचार किया जा रहा है. अभियान का उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है.

हालांकि कई मोहल्लों और सड़क किनारे जमा कचरे की तस्वीरें अलग तस्वीर पेश कर रही हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सफाई व्यवस्था में सुधार के बजाय प्रचार पर अधिक जोर दिखाई दे रहा है.

बारिश ने बढ़ाई परेशानी

लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर कचरे के ढेर के साथ जलजमाव की समस्या भी उत्पन्न हो गई है. इससे आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे कई दिनों से कचरा पड़ा हुआ है, जिससे राहगीरों को आने-जाने में भी कठिनाई हो रही है. बाजार और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं.

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में लंबे समय तक कचरा जमा रहने और जलजमाव होने से डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में नियमित सफाई, समय पर कचरा उठाव और जलनिकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना बेहद जरूरी है.

शहरी स्वच्छता केवल सौंदर्यीकरण का विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे जनस्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है.

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Madhepura News: नागरिकों ने उठाई नियमित सफाई की मांग

स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से शहर के सभी वार्डों में नियमित सफाई अभियान चलाने, प्रतिदिन कचरा उठाने और नालियों की समय पर सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि केवल अभियान चलाने या प्रचार करने से शहर स्वच्छ नहीं होगा, बल्कि इसके लिए लगातार जमीनी स्तर पर काम करना होगा.

लोगों ने यह भी कहा कि यदि सफाई व्यवस्था नियमित रहे तो शहर की तस्वीर बदलेगी और बारिश के दौरान होने वाली कई समस्याओं से भी राहत मिलेगी.

नगर परिषद की जिम्मेदारी पर लोगों की नजर

नगर परिषद का दायित्व शहर में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जलनिकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना है. नागरिकों का मानना है कि यदि नियमित निगरानी, समयबद्ध सफाई और शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था मजबूत की जाए तो 'चका-चक मधेपुरा' अभियान अपने उद्देश्य को वास्तव में हासिल कर सकता है. फिलहाल लोग प्रचार से अधिक जमीनी स्तर पर परिणाम देखने की उम्मीद कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Kumar ashish

Published by: Pratyush Prashant

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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