मधेपुरा : शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है. पिछले कई दिनों से अनियमित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार फॉल्ट होने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली की लचर व्यवस्था ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन और रात में बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है. कई बार घंटों तक आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद हो जाते हैं. इसका असर बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दिनचर्या और व्यवसाय पर भी पड़ रहा है.
लो-वोल्टेज से बढ़ी परेशानी
शहर के कई मोहल्लों में लो-वोल्टेज की समस्या भी गंभीर बनी हुई है. लोगों का कहना है कि बिजली आने के बावजूद वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे तक सही ढंग से नहीं चल पाते. फ्रिज, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा बना रहता है. कई लोगों ने बताया कि वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण उनके उपकरण पहले ही खराब हो चुके हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है.
व्यापार पर भी पड़ रहा असर
व्यापारियों ने भी बिजली विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है. दुकानदारों का कहना है कि बार-बार बिजली कटने से कारोबार प्रभावित हो रहा है. गर्मी के मौसम में आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और अन्य ठंडे उत्पाद बेचने वाले व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं छोटे वर्कशॉप संचालकों का कहना है कि बिजली नहीं रहने से उनका काम पूरी तरह ठप हो जाता है.
शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा समाधान
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समय पर समस्या का समाधान नहीं होता. कई लोगों ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ रहा है.
रखरखाव में लापरवाही का आरोप
लोगों का आरोप है कि समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण जर्जर तार, झुके हुए बिजली पोल और खराब ट्रांसफॉर्मर बार-बार फॉल्ट की वजह बन रहे हैं. कई स्थानों पर बिजली के तारों में पेड़ों की शाखाएं उलझी हुई हैं, जिससे हवा चलने पर आपूर्ति बाधित हो जाती है.
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने बिजली विभाग से व्यवस्था में शीघ्र सुधार, नियमित रखरखाव तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा.
