Madhepura Farmer Awareness: ग्वालपाड़ा (मधेपुरा). प्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), मधेपुरा के तत्वावधान में "दलहनी फसलों की उन्नत खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा वर्षा जल संरक्षण" विषय पर एक दिवसीय किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की.
वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील
कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि वैज्ञानिक राहुल कुमार वर्मा, मृदा वैज्ञानिक डॉ. पंकज कुमार यादव तथा कृषि समन्वयक बबलू कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. विशेषज्ञों ने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, फसल चक्र का पालन करने तथा बदलते मौसम के अनुरूप टिकाऊ कृषि प्रणाली अपनाने की अपील की.
मिट्टी जांच से मिलेगा बेहतर उत्पादन
मृदा वैज्ञानिक डॉ. पंकज कुमार यादव ने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए खेत की मिट्टी की जांच अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने बताया कि प्रत्येक एकड़ खेत से तीन से चार स्थानों से मिट्टी का नमूना लेकर कृषि विज्ञान केंद्र, मधेपुरा में जांच करानी चाहिए. इससे मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की सही जानकारी मिलती है और उसी के अनुसार उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है.
दलहनी फसलों और वर्षा जल संरक्षण पर जोर
कृषि वैज्ञानिक राहुल कुमार वर्मा एवं कृषि समन्वयक बबलू कुमार ने कहा कि दलहनी फसलें कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उन्होंने किसानों को फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करने तथा वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर सिंचाई में उपयोग करने की सलाह दी.
कीट एवं रोग प्रबंधन की दी जानकारी
कार्यक्रम में किसानों को फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के लिए जैविक और रासायनिक नियंत्रण के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने खेतों की नियमित निगरानी करने और समय रहते आवश्यक प्रबंधन अपनाने की सलाह दी.
किसानों की समस्याओं का किया समाधान
Madhepura Farmer Awareness: कार्यक्रम के अंत में किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को विशेषज्ञों के समक्ष रखा, जिनका वैज्ञानिक तरीके से समाधान बताया गया. इस अवसर पर कृषि विभाग के कर्मी एटीएम विकास कुमार, नरेश राम, रणजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.
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