आतिशबाजी करते समय पास में रखें बाल्टी भर पानी

आतिशबाजी करते समय पास में रखें बाल्टी भर पानी

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने दी जानकारी मधेपुरा. दीपावली व छठ पर्व के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया. अग्निशमन सेवा के ऑफिसर ने पटाखा दुकानों के आसपास भी लोगों को जागरूक किया. इस दौरान अग्निशमन कर्मियों ने पटाखे चलाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया. कहा कि दिवाली, शादी और छठ आदि अन्य शुभ अवसरों पर आतिशबाजी की परंपरा है, लेकिन कई मामलों में सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरते बगैर अंधाधुंध पटाखे चलाने से अवसर गमगीन अवसर में बदल जाता है. सुरक्षा संबंधी सतर्कता बरतने से इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है. समारोह को अधिक खुशनुमा और आनंददायक बनाया जा सकता है. प्रयोग में लाने के बाद बुझ चुकी फुलझड़ियों और रॉकेटों जैसी आतिशबाजी सामग्री को हमेशा ही पानी की बाल्टी या सूखी रेत में डाल दो. अपने चेहरे को अलग हटाकर दूर से ही पटाखे जलायें और उड़ते हुए पटाखों को घर के भीतर आने से रोकने के लिए घर की खिड़कियों और गेट को ठीक से बंद कर लें. साथ ही केवल मानक तरीके से बनाए गए पटाखों का ही उपयोग करें. बच्चें किसी व्यस्त की मौजूदगी में ही पटाखे चलायें. खुले मैदानों और खुले स्थानों पर पटाखे जलाना सुरक्षित है. घास-फूस से बने घरों और घास-फूस के देरी के पास रॉकेट, फ्लायर पॉट्स और अन्य उड़ने वाले पटाखे नही छोड़ने चाहिएं. पटाखे चलाते समय कसे हुए सूती वस्त्र पहनें एवं सुरक्षा के लिये जूता, चश्मा पहनें. अग्निशमन कर्मियों ने कहा कि दुर्घटनावश आप जल जाए तो जले हुए स्थान पर तब तक ठंडा पानी डालते रहें.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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