मधेपुरा. बीएनएमयू विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो कैलाश प्रसाद यादव ने बताया कि जेपी ने 1942 में ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया. उन्होंने महात्मा गांधी की गिरफ्तारी के बाद भूमिगत रहकर आंदोलन को जारी रखा और छात्रों और युवाओं को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. इससे देश की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षक संघ के महासचिव व विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो अशोक कुमार ने कहा कि बिहार की धरती सैकड़ों महापुरुषों की जन्मस्थली व कर्मस्थली रही है. उन्होंने कहा कि जेपी हमारे गौरव हैं. कार्यक्रम का संचालन करते हुये असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सुधांशु शेखर ने कहा कि जेपी एक महान राजनेता थे. हमारे वर्तमान राजनीतिज्ञों सहित हम सबों को उनके विचारों से प्रेरणा ग्रहण करने की जरूरत है. मौके पर लोक सूचना पदाधिकारी डॉ प्रफुल्ल कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अपर्णा कुमारी, डॉ अमित विश्वकर्मा, डॉ कल्पना मिश्रा, मणिष कुमार, राजेश कुमार, सौरभ कुमार चौहान, प्रवीण कुमार आदि उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
