मधेपुरा के कुमारखंड में जनता दरबार के दौरान भूमि विवाद के एक मामले का तत्काल समाधान, तीन मामलों की जांच शुरू

मधेपुरा के कुमारखंड में आयोजित जनता दरबार में भूमि विवाद के 4 मामलों की सुनवाई हुई. अंचलाधिकारी विशाल अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एक मामले का तत्काल समाधान कर दिया गया. वहीं, शेष तीन मामलों को विस्तृत जांच के लिए संबंधित राजस्व कर्मचारियों को सौंप दिया गया है.

Madhepura News: मधेपुरा जिले के कुमारखंड अंचल कार्यालय में शनिवार को आयोजित जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े चार मामलों की सुनवाई की गई. अंचलाधिकारी विशाल अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस सुनवाई के दौरान एक मामले का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि तीन मामलों को विस्तृत जांच के लिए संबंधित राजस्व कर्मचारियों को सौंप दिया गया.

प्रशासन का कहना है कि जनता दरबार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों का त्वरित, पारदर्शी और स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को अनावश्यक मुकदमेबाजी और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सके.

बैसाढ़ पंचायत के मामले का हुआ तत्काल समाधान

जानकारी के अनुसार बैसाढ़ पंचायत से जुड़े एक भूमि विवाद में दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों की जांच की गई. दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर अंचलाधिकारी ने उसी समय मामले का निष्पादन कर दिया.

इस निर्णय के बाद संबंधित पक्षों को तत्काल राहत मिली और लंबे समय से लंबित विवाद का समाधान हो सका.

तीन मामलों की होगी विस्तृत जांच

अन्य तीन मामलों में स्थल निरीक्षण और राजस्व अभिलेखों के सत्यापन की आवश्यकता होने के कारण उन्हें संबंधित राजस्व कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा गया.

अंचलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच कर अगली जनता दरबार की तिथि पर तथ्यात्मक प्रतिवेदन के साथ उपस्थित हों.

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

सीओ विशाल अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित समय के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि विवादों का शीघ्र निपटारा किया जा सके.

Madhepura News: जनता दरबार का उद्देश्य

उन्होंने कहा कि जनता दरबार के माध्यम से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है.

इस व्यवस्था से न केवल भूमि विवादों के समाधान की प्रक्रिया तेज होती है, बल्कि ग्रामीणों का समय और आर्थिक खर्च भी बचता है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों के त्वरित समाधान के लिए जनता दरबार की व्यवस्था जारी रहेगी.

Also Read: Bypass Project In Bihar: बिहार को मिलेंगे 7 नए बाइपास, लंबी दूरी के लिए मिलेगा वैकल्पिक रूट, जानिए कहां-कहां बनेंगे

Also Read: Akash Deep Mukesh Kumar DSP: ऐसा नहीं करने पर क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश की नौकरी पड़ सकती है खतरे में, जानिए क्या है शर्त



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By पवन कुमार

पवन कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कुमारखंड (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >