Purnia Patna Greenfield Expressway: बिहार के पहले पूर्णिया-पटना ग्रीनफील्ड सिक्स लेन एक्सप्रेसवे की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं. हालांकि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बावजूद भूमि अधिग्रहण की धीमी प्रक्रिया के कारण निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है. मधेपुरा जिले में यह एक्सप्रेसवे 13 राजस्व मौजों से होकर गुजरेगा. जिले के करीब 33 किलोमीटर हिस्से के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है. परियोजना पूरी होने के बाद मधेपुरा से पटना की यात्रा छह से सात घंटे के बजाय लगभग दो से ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी.
मधेपुरा के 13 मौजों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित पूर्णिया-पटना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा और बिहारीगंज अंचल क्षेत्र के 13 राजस्व मौजों से होकर गुजरेगा. इस हिस्से में सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रशासन की ओर से जारी है.
जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि भूमि से जुड़े सर्वे और सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया है. अब संयुक्त भौतिक सत्यापन और मौजा-वार खेसरा पंजी तैयार करने का काम तेजी से किया जा रहा है. इसके बाद जमीन का मूल्य निर्धारण होगा और प्रभावित भूस्वामियों के मुआवजे की राशि तय की जाएगी.
मुआवजे की जानकारी के लिए अंचल कार्यालय पहुंच रहे किसान
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ प्रभावित गांवों के किसानों की दिलचस्पी भी बढ़ गई है. बड़ी संख्या में किसान मुआवजा, जमीन की मापी और अधिग्रहण से जुड़ी अन्य जानकारियां प्राप्त करने के लिए अंचल कार्यालय पहुंच रहे हैं.
प्रशासन का कहना है कि सभी कानूनी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाएगी, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके.
Purnia Patna Greenfield Expressway: एक्सप्रेसवे बनने के बाद दो से ढाई घंटे में पहुंच सकेंगे पटना
वर्तमान में मधेपुरा से सड़क मार्ग के जरिए पटना पहुंचने में लगभग छह से सात घंटे का समय लगता है. ग्रीनफील्ड सिक्स लेन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी लगभग दो से ढाई घंटे में पूरी हो सकेगी.
इस परियोजना से कोसी और सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. साथ ही व्यापार, उद्योग, निवेश और माल परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
सांसद ने भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने की मांग की
मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार परियोजना के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध करा चुकी है, लेकिन भूमि अधिग्रहण की धीमी रफ्तार के कारण निर्माण कार्य समय पर शुरू नहीं हो पा रहा है.
उन्होंने कहा कि बिहार की कई बड़ी आधारभूत परियोजनाएं जमीन अधिग्रहण में देरी के कारण प्रभावित होती हैं. प्रशासन को इस प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए ताकि परियोजना का लाभ लोगों को जल्द मिल सके.
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क्यों है महत्वपूर्ण यह प्रोजेक्ट
पूर्णिया-पटना ग्रीनफील्ड सिक्स लेन एक्सप्रेसवे बिहार की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है. लगभग 245 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत करीब 27 हजार करोड़ रुपये है. यह परियोजना कोसी और सीमांचल क्षेत्र को राजधानी पटना से तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगी. इसके पूरा होने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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